नई दिल्ली. भारत के पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी को मौजूदा राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने देश के सर्वोच्च पुरस्कार भारत रत्न से सम्मानित किया. इसके अलावा नानाजी देशमुख और डॉ. भूपेन हजारिका को भी मरणोपरांत भारत रत्न दिया गया. नई दिल्ली स्थित राष्ट्रपति भवन में गुरुवार शाम 6 बजे आयोजित कार्यक्रम में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने प्रणब मुखर्जी के साथ ही नानाजी देशमुख और भूपेन हजारिका के परिवार को भारत रत्न पुरस्कार दिया.

गौरतलब है कि जनवरी 2019 में राष्ट्रपति भवन ने इस साल के भारत रत्न पुरस्कार की घोषणा की थी. जिसमें पूर्व राष्ट्रपति और कांग्रेस के दिग्गज नेता रहे प्रणब मुखर्जी, सामाजिक कार्यकर्ता रहे नानाजी देशमुख और असम के संगीतकार भूपेन हजारिका को भारत रत्न देने की घोषणा की गई थी.

प्रणब मुखर्जी देश के 13वें राष्ट्रपति है, उन्होंने 2012 से 2017 के बीच भारत के सर्वोच्च नागरिक का पद संभाला. इसके अलावा प्रणब मुखर्जी कांग्रेस के दिग्गज नेता रहे हैं. केंद्र में भाजपा सरकार होने के बावजूद उन्हें भारत रत्न से सम्मानित करने का एलान राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना था.

नानाजी देशमुख देश के प्रमुख सामाजिक कार्यकर्ता थे. वे भारतीय जनसंघ से भी जुड़े थे और मोरारजी सरकार में मंत्री भी रहे थे. महाराष्ट्र में जन्में नानाजी देशमुख का 27 फरवरी 2010 को देहांत हो गया था. सामाजिक कार्यों के लिए उन्हें पद्म विभूषण से भी नवाजा जा चुका है.

इसी तरह इस साल असम के मशहूर संगीतकार भूपेन हजारिका को भी मरणोपरांत भारत रत्न दिया गया है. बहुमुखी प्रतिभा के धनी भूपेन हजारिका को पहले दादा साहेब फाल्के पुरस्कार और पद्म भूषण पुरस्कार मिल चुका है. 5 नवंबर 2011 को उन्होंने आखिरी सांस ली थी.

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