बरेली. बरेली में एक युवती ने भूख से तड़पकर जान दे दी. युवती करोड़ो की प्रापर्टी की वारिस थी. मृत दीपा टंडन मानसिक रोगी थी और पास में रहने वाले रिश्तेदारों के सहारे जी रही थी. शहर में ही रहने वाले राकेश नारायण का कहना है कि उनके बहनोई की साल 2004 में मृत्यु हो गई थी. बहन राजकुमारी टंडन की भी मौत साल 2012 में हो गई. दोनों अपने पीछे मानसिक रुप से कमजोर तीन बच्चों दीपा टंडन, दीपू टंडन और अनुराग टंडन को छोड़ गए थे. उन्होंने आरोप लगाया पास में रहने वाले राजकुमारी के देवर अवधेश और रिश्तेदारों पर ही तीनों बच्चों की देखरेख की जिम्मेदारी थी. लेकिन वे लोग बच्चों को ताले में बंद रखते थे और खाना भी नहीं देते थे. दीपा की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सामने आया है कि उसकी मौत भूख के कारण हुई है.

राकेश नारायण का आरोप है कि अवधेश और उनके दामाद तीनों बच्चों को भूखा रखते थे. यहां तक कि बहनोई ने बच्चों के लिए बैंक में जो पैसा जमा कराया था वो भू उन लोगों ने लूट लिया था. राकेश की शिकायत पर पुलिस ने अवधेश, उनके बेटे रजत अग्रवाल और दामाद के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है.

बता दें कि पैसा रुपया होने के बावजूद भूख से मर जाने का ये कोई पहला मामला  नहीं है बल्कि पहले भी ऐसे कई मामले आते रहे हैं जहां वृद्धों और मानसिक रुप से विक्षिप्तों ने अपने परिवार द्वारा छोड़ दिए जाने के कारण मौत को गले लगा लिया हो.

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