बरेलीः उत्तर प्रदेश में पुलिस की कार्रवाई का ऐसा मामला देखने में आया है जहां लगभग 5 हजार की आबादी वाला पूरा गांव ही खौफ के साए में जिंदगी गुजार रहा है. पुलिस ने सावन के इस महीने में चल रही कांवड़ यात्रा के चलते इलाके में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए गांव में रहने वाले लोगों को लाल कार्ड जारी किया जा रहा है. जिस भी व्यक्ति को ये पुलिस का लाल कार्ड मिल रहा है वो एक अनचाहे डर से खौफ में है.

मामला उत्तर प्रदेश में बरेली के खेलम गांव का है जहां पुलिस ने कांवड यात्रा को देखते हुए गांव के लोगों को एक लाल कार्ड जारी किया जा रहा है. जिसका मतलब ये है कि जिस भी आदमी को ये लाल कार्ड जारी किया जा रहा है वो इलाके से निकलने वाली कांवड यात्रा के दौरान कानून-व्यवस्था के लिए समस्या खड़ी कर सकता है. इसलिए ये लाल कार्ड देकर उसे चेतवानी दी जा रही है कि वो कोई भी ऐसा कदम न उठाए वर्ना उसपर कड़ी कार्रवाई की जाएगी.

मिली जानकारी के मुताबिक यूपी पुलिस खेलम गांव के लगभग 250 लोगों को ये लाल कार्ड दे चुकी है जिसमें हिन्दू और मुसलमान दोनों धर्मों के लोग शामिल हैं. पुलिस ने इस अभियान के दौरान 441 ऐसे स्थानीय व्यक्तियों की पहचान की है जो कानून-व्यवस्था को भंग कर सकते हैं या कोई समस्या खड़ी कर सकते हैं.

पुलिस की इस कार्रवाई से खेलम गांव के लोग डर के साए में जीने को जमबूर हो गए हैं. जिसके चलते यहां रहने वाले लगभग 70 मुस्लिम परिवार ने गांव छोड़ कहीं दूसरी जगह जा चुके हैं. यूपी पुलिस की इस कार्रवाई के पीछे पिछले साल कांवड यात्रा के दौरान हुई घटना को बताया जा रहा है जिसमें कांवडियों का एक दल जब मुस्लिम इलाके से गुजर रहा था तो वहां किसी बात को लेकर विवाद हो गया जो खूनी संघर्ष में बदल गया. इस घटना में हिंदू-मुस्लिम दोनों ही धर्मों के दर्जनों लोग घायल हो गए थे. इसके अलावा इसमें 15 पुलिसकर्मी भी घायल हुए थे.

पुलिस ने पिछले साल हुई घटना से सबक लेते हुए इस बार ये कार्रवाई की है क्योंकि इस बार भी कांवड यात्रा का मार्ग उस मुस्लिम बहुल इलाके से होकर गुजर रहा है. जिसमें 5 हजार आबादी वाले गांव में लगभग 70 प्रतिशत मुस्लिम आबादी रहती है. इस यात्रा का सबसे विवादित मार्ग है गांव में बनी एक 8 किलोमीटर लंबी सड़क जिसके दोनों तरफ मुस्लिम परिवार रहते हैं जहां पिछले साल खूनी संघर्ष हुआ था.

मुस्लिम परिवारों द्वारा गांव छोड़ने की बात पर बरेली के एसएसपी मुनिराज ने कहा कि लाल कार्ड कानूनन वैध नहीं है. विभाग ने दोनों ही समुदायों के लोगों को रेड कार्ड जारी किया है और इसका मकसद सिर्फ इतना है कि उन्हें पता लग सके की उन लोगों की निगरानी की जा रही है. उन्होंने कहा कि उन्हें इस बारे में कुछ खबर नहीं है कि कुछ मुस्लिम परिवारों ने इस कार्रवाई के बाद गांव छोड़ दिया है.

पुलिस की इस कार्रवाई से खौफ के साए में रह रहे गांव के लोगों को बरेली के डीएम ने भरोसा दिलाया है कि अगर वह कानून-व्यवस्था बनाए रखते हैं और किसी भी तरह के विवाद में नहीं पड़ते हैं तो उन्हे किसी भी झूठे मामले में नहीं फंसाया जाएगा.

VIDEO: दिल्ली के बाद अब उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में कांवडियों का तांडव, पुलिस की गाड़ी तोड़ी, मामला दर्ज

VIDEO: कांवड़िए को छूते हुए निकली कार तो गुस्साए कांवड़ियों ने की गुंडागर्दी, कार में की तोड़फोड़, देखती रही दिल्ली पुलिस

देश और दुनिया की ताजातरीन खबरों के लिए हमे फॉलो करें फेसबुक,गूगल प्लस, ट्विटर पर और डाउनलोड करें Inkhabar Android Hindi News App