लखनऊ- विवादित बाबरी मस्जिद ढ़ांचे को 6 दिसंबर 1992 को गिराया गया. विवादित ढ़ाचे के गिरने के बाद फैजाबाद में 2 FIR दर्ज कराई गई थी. जिसमें FIR नंबर 198 कार सेवकों के अलावा संघ परिवार के कार्यकर्ताओं समेत आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, शिवसेना नेता बाल ठाकरे, उमा भारती आदि के खिलाफ थी. कुछ देर बाद आने वाले फैसले में अगर लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, उमा भारती, विनय कटियार को दोषी ठहराया जाता है तो उनको अधिकतम 5 साल की सजा हो सकती है. कोर्ट अगर कल्याण सिंह, साक्षी महाराज और फिरोजाबाद के तत्कालीन डीएम को दोषी ठहराएगी तो उन्हें अधिकतम 3 साल की सजा होगी.

विवादित ढ़ाचा गिराए जाने के मामले में अगर महंत नृत्य गोपाल दास, धरम दास और राम मंदिर ट्रस्ट के चंपत राय दोषी पाए जाते हैं तो उन्हें अधिकतम 5 साल की सजा होगी. कोर्ट के आने वाले फैसले को देखते हुए अयोध्या समेत पूरे प्रदेश में सुरक्षा व्यवस्था के कड़े इंतजाम किए गए हैं. इसके अलावा भारी पुलिस बल की भी तैनाती की गई है.

इन लोगों को हो सकती है उम्रकैद !
मामले में बीजेपी सांसद ब्रजभूषण सिंह, पूर्व विधायक पवन पांडे, जय भगवान गोयल और ओमप्रकाश गोयल को कोर्ट अगर दोषी ठहराती है तो उन्हें अधिकतम उम्रकैद की सजा हो सकती है. इसके अलावा विवादित ढ़ाचा गिराने के आरोपी फिरोजाबाद के सांसद लल्लू सिंह, आचार्य धमेन्द्र देव को दोषी पाए जाने पर अधिकतम उम्रकैद की सजा हो सकती है.

Babri Demolition Case Verdict: क्या है बाबरी मस्जिद केस, 6 दिसंबर 1992 की घटना ने कैसे बदलकर रख दी थी भारत की सियासत?

Babri Masjid demolition case verdict: बाबरी मस्जिद केस में थोड़ी देर बाद फैसला, लाल कृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, उमा भारती, नहीं पहुंचे अदालत

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