Monday, October 3, 2022

AzadiSAT: इसरो ने लॉन्च किया आजादी सैटेलाइट, जानिए 750 छात्राओं द्वारा बनाए गए उपग्रह की खासियत

AzadiSAT:

नई दिल्ली। अंतरिक्ष क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा चुके इसरो ने आज देश का नया रॉकेट लॉन्च कर दिया। ये इसरो द्वारा लॉन्च अब तक का सबसे छोटा रॉकेट है। इसे एसएसएलवी (Small Satelite Launch Vehicle, SSLV) नाम दिया गया है। एसएसलवी की लॉन्चिंग आंध्र प्रदेश के श्री हरिकोटा स्पेस सेंटर से की गई है। बता दें कि एसएसएलवी में भारत की बेटियों द्वारा बनाई गई आजादी सैटेलाइट को भी लॉन्च किया गया है।

750 लड़िकयों ने मिलकर बनाया है

आजादी सैटेलाइट एसएसएलवी में भारत की बेटियों द्वारा बनाया गया है। 7.5 किलोग्राम के इस सेटेलाइट को देश के अलग-अलग हिस्सों के 75 स्कूल की 750 स्कूली छात्राओं ने मिल कर बनाया है। आजादी के 75वें स्वतंत्रा दिवस पर मनाये जा रहे अमृत महोत्सव के लिये 75 स्कूल की 750 लड़कियां ने इस सैटेलाइट को आजादी की थीम पर निर्मित किया है। इस आजादी सेटेलाइट को लॉन्च होते देखने के लिए सभी 750 बच्चे चेन्नई पहुंचे थे। आज सुबह सभी नन्हे साइंटिस्टों ने श्री हरिकोटा से खुद के बनाये इस आजादी सैटेलाइट को लॉन्च होते हुए देखा।

स्पेस किड्ज नामक संस्था का मार्गदर्शन

बता दें कि इसरो द्वारा जब इस प्रोजेक्ट को हरी झंडी दी गई तो स्कूली बच्चों को टास्क देने और गाइड करने की जिम्मेदारी स्पेस किड्ज नामक एक संस्थान को दी गई। बच्चों को जो टास्क दिया गया, उसके लिये स्पेस किड्ज ने इन्हें ऑनलाइन माध्यम से गाइड किया और समय-समय पर उनकी समस्यायों को सुलझयाष इस आजादी सेटेलाइट का वजन 7.5 किलोग्राम है, जिसमें कुल 75 चिप्स और एक कैमरा भी लगा है, जो अंतरिक्ष मे सोलर पैन के खुलने के साथ ही तस्वीरें लेकर भेजना शुरू कर देगा। आजादी के अमृत महोत्सव के अवसर पर एक तिरंगा भी इस सैटेलाइट में होगा यानी भारत की आजादी के अवसर पर तिरंगा अंतरिक्ष में भी लहराएगा।

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