नई दिल्ली. वंचित लोगों को मुफ्त चिकित्सा सहायता प्रदान करने के लिए उत्तर प्रदेश द्वारा प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (आयुष्मान भारत) और मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना के आयुष्मान कार्ड के बिना लाभार्थियों को गोल्डन कार्ड (आयुष्मान कार्ड) प्रदान करने का एक विशेष अभियान शुरू किया गया है। 

इस विशेष विशेष अभियान के पहले दिन 26,000 से अधिक परिवारों को गोल्डन कार्ड प्रदान किए गए। आयुष्मान योजना के तहत अब तक राज्य में 6.5 करोड़ से अधिक लाभार्थियों को गोल्डन कार्ड जारी किए जा चुके हैं। इस कार्ड के जरिए कोई भी लाभार्थी देश भर के किसी भी पैनल में शामिल अस्पताल में 5 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज करा सकता है।

कौन बनवा सकता है गोल्डन कार्ड

गोल्डन कार्ड केवल उन्हीं लोगों के बनेंगे, जिनके घरों पर आयुष्मान भारत योजना या फिर मुख्यमंत्री जन आरोग्य अभियान के पत्र पहुंचे हुए हैं। पत्र में परिवार के जिन सदस्यों के नाम शामिल हैं उन्हीं के कार्ड बनाए जाने हैं। ऐसे लोगों को कैंप में राशन कार्ड, आधार कार्ड और योजना से जुड़ा पत्र लेकर पहुंचना होगा।

आयुष्मान भारत योजना का लाभ

मोदी सरकार की आयुष्मान भारत योजना (एबीवाई) में समाज के कमजोर वर्ग को लोगों को हेल्थ इंश्योरेंस की सुविधा मिलती है। एबीवाई को प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (पीएम जय) भी कहा जाता है. इसके तहत देश के 10 करोड़ परिवारों को सालाना 5 लाख रुपये का स्वास्थ्य बीमा मिल रहा है।

सामाजिक-आर्थिक जाति जनगणना (एसईसीसी) 2011 के हिसाब से ग्रामीण इलाके के 8.03 करोड़ परिवार और शहरी इलाके के 2.33 करोड़ परिवार आयुष्मान भारत योजना (एबीवाई) के दायरे में आयेंगे. इस तरह पीएम जय के दायरे में 50 करोड़ लोग आएंगे।

ग्रामीण इलाकों के लिए इस योजना के लिए योग्यता

– ग्रामीण इलाके में कच्चा मकान, परिवार में किसी व्यस्क (16-59 साल) का नहीं होना, परिवार की मुखिया महिला हो, परिवार में कोई दिव्यांग हो, अनुसूचित जाति/जनजाति से हों और भूमिहीन व्यक्ति/दिहाड़ी मजदूर

– इसके अलावा ग्रामीण इलाके के बेघर व्यक्ति, निराश्रित, दान या भीख मांगने वाले, आदिवासी और क़ानूनी रूप से मुक्त बंधुआ आदि खुद आयुष्मान भारत योजना (एबीवाई) में शामिल हो जायेंगे।

शहरी इलाकों के लिए इस योजना के लिए योग्यता

– भिखारी, कूड़ा बीनने वाले, घरेलू कामकाज करने वाले, रेहड़ी-पटरी दुकानदार, मोची, फेरी वाले, सड़क पर कामकाज करने वाले अन्य व्यक्ति।

– कंस्ट्रक्शन साईट पर काम करने वाले मजदूर, प्लंबर, राजमिस्त्री, मजदूर, पेंटर, वेल्डर, सिक्योरिटी गार्ड, कुली और भार ढोने वाले अन्य कामकाजी व्यक्ति

– स्वीपर, सफाई कर्मी, घरेलू काम करने वाले, हेंडीक्राफ्ट का काम करने वाले लोग, टेलर, ड्राईवर, रिक्शा चालक, दुकान पर काम करने वाले लोग आदि आयुष्मान भारत योजना (ABY) में शामिल होंगे।

मालूम हो कि आयुष्मान भारत योजना (एबीवाई) का लाभार्थी अस्पताल में एडमिट होने के लिए कोई चार्ज नहीं चुकाएगा। अस्पताल में दाखिल होने से लेकर इलाज तक का सारा खर्च इस योजना में कवर किया जायेगा।

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