नई दिल्ली/ अयोध्या यानी राम नगरी में प्रभु राम जी के मंदिर निर्माण किया जा रहा है. इसी बीच राम मंदिर निर्माण में लगे इंजीनियरों का कहना है कि मंदिर को खंभों पर खड़ा नही किया जा सकता है इसलिए मंदिर को अब सीमेंट की बनी नींव पर खड़ा किया जाएगा. सीमेंट की बनी ये नींव 35 से 40 फीट तक गहरी रहेगी. सूत्रों ने बताया है कि राम मंदिर निर्माण में लगे इंजीनियरों को तीन बड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है. जिसमे एक तो मिट्टी की पकड़ मजबूत न होना है. दूसरा राम मंदिर के स्थान पर ही सरयू नदी का बहना और तीसरा जमीन के नीचे भी नदियों का बहना शामिल है.

बता दें कि शुरुआत में इंजीनियरों ने सोचा था कि राम मंदिर को खंभों पर खड़ा किया जाए और खंभों की ऊंचाई तीन मंजिला इमारत कितनी तय की गई थी. खैर जब परीक्षण किया गया तो ऐसा करना मुमकिन नहीं दिख रहा क्योंकि भूकंप से जुड़े परीक्षण में भी ये आइडिया फेल हो गया. इस समस्या को देखते हुए आईआईटी दिल्ली, आईआईटी मद्रास और आईआईटी गुवाहाटी के विशेषज्ञ और सेंट्रल बिल्डिंग रिसर्च इंस्टीट्यूट, रुड़की, टाटा, लेसन, नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी और टुब्रो के विशेषज्ञों को एक समिति ने जोड़ा गया है.

एनजीआरआई रिसर्च टीम कई पहलुओं पर बातचीत करी और आखिरकार ये तय किया गया कि मंदिर को खंभों के बजाय, लगभग 10,000 वर्ग की नींव तैयार की जाएगी. करीबन 35-40 फीट की गहराई तक मिट्टी और अन्य मलबो को साफ किया जाएगा और राम मंदिर की संरचना खड़ी की जाएगी.

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