नई दिल्ली. अयोध्या के विवादित राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद भूमि मामले के लिए अब नई बेंच का गठन होगा, जो 29 जनवरी को इस मामले की सुनवाई करेगी. जैसे ही जजों ने सुनवाई शुरू की, मुस्लिम पक्ष के वकील राजीव धवन ने संवैधानिक बेंच के गठन और जस्टिस यूयू ललित पर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि जस्टिस ललित बतौर वकील साल 1994 में कल्याण सिंह की ओर से पेश हुए थे. इसके बाद जस्टिस ललित ने खुद को इस मामले से अलग कर लिया. चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने इसकी जानकारी दी. उन्होंने कहा कि पीठ आज सिर्फ तारीख तय करने बैठी है. उन्होंने कहा कि नई बेंच का गठन करने का अधिकार मेरे पास है.

सुप्रीम कोर्ट ने पिछली सुनवाई में जो संवैधानिक पीठ गठित की थी, उसमें चीफ जस्टिस रंजन गोगोई, जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़, जस्टिस एस ए बोब्डे, जस्टिस एनवी रमन्ना और जस्टिस यूयू ललित शामिल थे. लेकिन जस्टिस ललित के अलग होने के बाद नई बेंच का गठन किया जाएगा. इससे पहले 6 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट ने संविधान पीठ के गठन की बात कही थी. क्या इस मामले की रोजाना सुनवाई हो या नहीं, पीठ को यही तय करना था. पिछले साल सितंबर में सुप्रीम कोर्ट की तीन जजों वाली बेंच ने 2-1 के बहुमत से इस मामले को संविधान पीठ को भेजने से मना कर दिया था. यह पीठ इस पर बात पर सुनवाई कर रही थी कि क्या मस्जिद में नमाज पढ़ना इस्लाम का अभिन्न हिस्सा है या नहीं. कोर्ट ने साल 1994 के फैसले को बरकरार रखा था.

जब यह मामला सुनवाई के लिए 4 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट के सामने आया था, तब यह किसी को नहीं पता था कि यह मामला संविधान पीठ को भेजा जाएगा. कोर्ट ने सिर्फ यही कहा था कि इस मामले में गठित पीठ 10 जनवरी को अगला आदेश देगी. जो बेंच इस मामले की सुनवाई करेगी, उनमें चार जज ऐसे हैं, जो भविष्य में मुख्य न्यायाधीश बनेंगे. गोगोई के बाद जस्टिस बोब्डे चीफ जस्टिस होंगे. उसके बाद जस्टिस रमण, जस्टिस ललित और जस्टिस चंद्रचूड़ चीफ जस्टिस बनेंगे.

30 सितंबर 2010 को राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवाद से जुड़ी 2.77 एकड़ जमीन मामले में इलाहाबाद हाई कोर्ट ने फैसला सुनाया था. इसी फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में 14 याचिकाएं दायर की गई हैं. हाई कोर्ट ने कहा था कि विवादित भूमि में बीच वाली गुंबद पर हिंदुओं का हक है, जहां रामलला की मूर्ति रखी है. दूसरा हिस्सा निर्मोही अखाड़े को दिया गया था, जहां सीता रसोई और राम चबूतरा है. बाकी सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड को एक तिहाई हिस्सा दिया गया था. इस फैसले को तमाम पक्षों ने शीर्ष अदालत में चुनौती दी थी. सुप्रीम कोर्ट ने 9 मई 2011 को हाई कोर्ट के फैसले पर रोक लगा दी और पुरानी स्थिति को बहाल कर दिया. शीर्ष अदालत में पिछले साल मामले की सुनवाई शुरू हुई थी.

यहां पढ़ें Ayodhya Ram Mandir Hearing Highlights:

Highlights

सुप्रीम कोर्ट के बाहर प्रदर्शन

राम मंदिर मामले की सुनवाई टलने के बाद कुछ लोगों ने सुप्रीम कोर्ट के बाहर विरोध-प्रदर्शन किया. पुलिस ने बताया कि कुछ लोगों को हिरासत में लिया गया है. इस मामले पर कोर्ट में जमकर बहस हुई. मुस्लिम पक्ष के वकील राजीव धवन ने संवैधानिक पीठ के गठन और जस्टिस यूयू ललित पर सवाल उठाए थे. इस पर वकील हरीश सालवे ने ने कहा कि 1994 में मामला आपराधिक था. अब स्थिति वैसी नहीं है.

सुप्रीम कोर्ट रजिस्ट्री देगी रिपोर्ट

गुरुवार को राम मंदिर-बाबरी मस्जिद मामले की सुनवाई टल गई. अब सुप्रीम कोर्ट रजिस्ट्री को यह रिपोर्ट देनी होगी कि कब तक सारे दस्तावेजों का अनुवाद हो जाएगा और मामले की सुनवाई होगी. इस फैसले से राम मंदिर निर्माण में और देरी होगी.

29 जनवरी को अगली सुनवाई

राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद मामले से जस्टिस यूयू ललित द्वारा खुद को अलग किए जाने के बाद नई बेंच गठित की जाएगी, जो 29 जनवरी को इस मामले की सुनवाई करेगी. राजीव धवन की आपत्ति के बाद जस्टिस ललित ने खुद को सुनवाई से अलग कर दिया, जिसकी जानकारी सीजेआई ने दी.

जस्टिस ललित ने खुद को मामले से अलग करने को कहा

इस मामले में मुस्लिम पक्ष के वकील राजीव धवन ने कहा कि जस्टिस ललित मामले में कल्याण सिंह की ओर से पेश हुए थे, जिसके बाद जस्टिस ललित ने खुद को इस मामले से अलग कर लिया. उन्होंने कहा कि मैं इस 5 जजों वाली संवैधानिक पीठ में नहीं रहना चाहता.

सीजेआई बोले- आज सिर्फ तारीख तय करेंगे

सभी जज कोर्टरूम पहुंच चुके हैं और बताया जा रहा है कि कोर्टरूम में भारी भीड़ है. सबपसे पहले मुस्लिम पक्ष अपनी बात रखना चाहता है. इस बीच सीजेआई गोगोई ने कहा कि आज हम सिर्फ यह तय करेंगे कि मामले की सुनवाई कब से हो. आज का दिन सुनवाई के लिए नहीं है.

यह तय करेगा सुप्रीम कोर्ट

आज की सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट यह तय करेगा कि मामले की सुनवाई किस तरह और कब हो. इसका मतलब है कि मामले की सुनवाई रोजाना हो या फिर किसी खास दिन. दोनों पक्षों के वकील भी कोर्ट पहुंच चुके हैं. अब कुछ ही मिनटों में सुनवाई शुरू हो जाएगी. यह मामला सुप्रीम कोर्ट में पहले नंबर पर लिस्टेड है.

सुप्रीम कोर्ट के बाहर सुरक्षा कड़ी

मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट के बाहर सुरक्षा के भारी बंदोबस्त किए गए हैं. तस्वीरों में देखा जा सकता है कि काफी तादाद में महिला और पुरुष जवान शीर्ष अदालत के बाहर तैनात हैं. किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए यह इंतजाम किया गया है.

10.30 बजे शुरू होगी सुनवाई

बहुचर्चित राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद मामले में सुप्रीम कोर्ट की संवेधानिक पीठ 10.30 बजे से सुनवाई शुरू करेगी. इस बेंच की अगुआई चीफ जस्टिस रंजन गोगोई करेंगे. इसके अलावा पीठ में जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़, जस्टिस एस ए बोब्डे, जस्टिस एनवी रमन्ना और जस्टिस यूयू ललित भी शामिल हैं.

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