अयोध्या: राम मंदिर निर्माण को लेकर देशवासियों का 492 साल का इंतजार आज खत्म हो रहा है. अयोध्या में भगवान राम के भव्य और दिव्य मंदिर के निर्माण हेतू आज भूमि पूजन होने जा रहा है. पूरी अधोध्या समेत देश में मानो ऐसा उत्साह और उमंग है जैसे भगवान राम त्रेतायुग के बाद कलयुग में भी वनवास काटकर अपनी धरती पर लौट रहे हैं. देखा जाए तो भगवान राम के लिए ये समय वनवास जैसा ही रहा क्योंकि भगवान राम को कई सालों तक टेंट में रहना पड़ा लेकिन अब भगवान राम का मंदिर बनने जा रहा है जिसकी सुंदरता की कल्पना करना भी मुश्किल है.

अयोध्या में भगवान राम के मंदिर भूमि पूजन कार्यक्रम की शुरूआत हो चुकी है. मंत्रोच्यारण शुरू हैं और मंदिर की नींव रखने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अयोध्या पहुंच चुके हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सबसे पहले हनुमान गढ़ी जाकर बजरंगबली के दर्शन किए और उनका आशीर्वाद लिया. मान्यता है कि हनुमान जी को भगवान राम ने अयोध्या की सुरक्षा की जिम्मेदारी दी है. इसके अलावा ये भी कहा जाता है कि हनुमान जी की आज्ञा के बिना राम दरबार में कोई नहीं जा सकता इसलिए सबसे पहले हनुमान गढ़ी के दर्शन किए जाते हैं फिर कहीं जाकर रामलला के दर्शन होते हैं.

Ayodhya Ram Mandir Bhumi Pujan Updates:

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आज भूमि पूजन का कार्यक्रम अनेक मर्यादाओं के बीच हो रहा है

आज भूमि पूजन का कार्यक्रम अनेक मर्यादाओं के बीच हो रहा है। श्रीराम के काम में मर्यादा का जैसे उदाहरण प्रस्तुत किया जाना चाहिए, वैसा ही उदाहरण देश ने पेश किया है। ये उदाहरण तब भी पेश किया गया था, जब उच्चतम न्यायालय ने अपना फैसला सुनाया था: पीएम मोदी

श्रीराम ने सामाजिक समरसता को अपने शासन का आधार बनाया था

श्रीराम ने सामाजिक समरसता को अपने शासन का आधार बनाया था। उन्होंने गुरु वशिष्ठ से ज्ञान, केवट से प्रेम, शबरी से मातृत्व, हनुमानजी एवं वनवासी बंधुओं से सहयोग और प्रजा से विश्वास प्राप्त किया। यहां तक कि एक गिलहरी की महत्ता को भी उन्होंने सहर्ष स्वीकार किया: पीएम मोदी

श्रीराम का चरित्र सबसे अधिक जिस केंद्र बिंदु पर घूमता है

श्रीरामचंद्र को तेज में सूर्य के समान, क्षमा में पृथ्वी के तुल्य, बुद्धि में बृहस्पति के सदृश्य और यश में इंद्र के समान माना गया है। श्रीराम का चरित्र सबसे अधिक जिस केंद्र बिंदु पर घूमता है, वो है सत्य पर अडिग रहना। इसलिए ही श्रीराम संपूर्ण हैं: पीएम मोदी

वाकई ये न भूतो न भविष्यति है: पीएम मोदी

देश भर के धामों और मंदिरों से लाई गई मिट्टी और नदियों का जल, वहां के लोगों, वहां की संस्कृति और वहां की भावनाएं, आज यहां की शक्ति बन गई हैं। वाकई ये न भूतो न भविष्यति है: पीएम मोदी

इस मंदिर के साथ नया इतिहास ही नहीं रचा जा रहा बल्कि इतिहास खुद को दोहरा भी रहा है- PM

इस मंदिर के साथ नया इतिहास ही नहीं रचा जा रहा बल्कि इतिहास खुद को दोहरा भी रहा है, जिस तरह गिलहरी से लेकर वानर तक और केवट से लेकर बनवासी बंधुओं को भगवान राम की सेवा का सौभाग्य मिला. जैसे छोटे-छोटे ग्वालों ने भगवान कृष्ण को गोवर्धन पर्वत उठाने में भूमिका निभाई. उसी तरह देश के लोगों के सहयोग से राम मंदिर निर्माण का पुण्य कार्य पूरा हुआ है. पत्थरों पर श्री राम लिखकर राम सेतू बनाया गया. वैसे ही घर-घर और गांव गांव से श्रद्धापूर्वक भेजी गई शिला यहां की अमोघ शक्ति बन गई है. भारत की आस्था भारत के लोगों की सामुहिकता और इसकी अमोघ शक्ति अध्ययन का विषय है. श्री राम चंद्र को तेजमय सूर्य के समान और यशमय इंद्र के समान माना गया है. श्री राम संपूर्ण हैं, हजारो सालों से श्री राम प्रकाश स्तंभ बने हुए हैं.

श्री राम का काम जैसा मर्यादित होना चाहिए वही मर्यादा आज देखने को मिल रही है- PM

पूरी दुनिया से लोग यहां आएंगे. पूरी दुनिया भगवान राम और माता जानकी के दर्शनों के लिए आएंगे. आज का एतिहासिक पल युगों युगों तक याद रखा जाएगा. आज का दिन सत्य, अहिंसा, आस्था और बलिदान को न्यायप्रिय भारत की अनुपम भेंट है. कोरोना संकट के बीच ये कार्यक्रम काफी मर्यादित हो रहा है, श्री राम का काम जैसा मर्यादित होना चाहिए वही मर्यादा आज देखने को मिल रही है.

राम मंदिर बनने के बाद इस क्षेत्र का पूरा अर्थतंत्र बदल जाएगा- PM

हमारी संस्कृति के आधार हैं. श्री राम भारत की मर्यादा हैं, मर्यादा पुरषोत्त्म हैं. श्री राम के भव्य और दिव्य मंदिर के लिए आज भूमि पूजन हुआ है. यहां आने से पहले मैने हनुमान गढी का दर्शन किया. राम के सब काम हनुमान ही तो करते हैं. राम के आदर्शों की रक्षा करने की जिम्मेदारी भी हनुमान जी की ही है. हनुमान जी के आशीर्वाद से राम मंदिर निर्माण शुरू हुआ है. राम मंदिर हमारी राष्ट्रीय भावना का प्रतीक बनेगा. करोड़ों करोड़ों लोगों की सामुहिक शक्ति का प्रतीक बनेगा. ये मंदिर आने वाली पीढ़ियों को आस्था और श्रद्धा की प्रेरणा देता रहेगा. राम मंदिर बनने के बाद इस क्षेत्र का पूरा अर्थतंत्र बदल जाएगा.

राम मंदिर के लिए चले आंदोलन में अर्पण के लिए भी था तर्पण भी था, संकल्प भी था संघर्ष भी था- PM

राम मंदिर के लिए चले आंदोलन में अर्पण के लिए भी था तर्पण भी था, संकल्प भी था संघर्ष भी था. जिनकी तपस्या राम मंदिर में नींव की तरह जुड़ी हुई है, मैं उन सब लोगों को 130 करोड़ देशवासियों की तरफ से सर झुका कर नमन करता हूं उनका वंदन करता हूं. संपूर्ण सृष्टि की शक्तियां राम जन्मभूमि से जुड़ा हर व्यक्तित्व इस आयोजन को देख रहा है. वो भावविभोर है, सभी को आशीर्वाद दे रहा है. राम हमारे मन में गढ़े हुए हैं, हमारे भीतर घुल मिल गए हैं, कोई काम करना हो तो हम प्रेरणा के लिए भगवान राम की तरफ ही देखते हैं. भगवान राम की अद्भुत शक्ति देखिए, इमारतें नष्ट हो गई, क्या कुछ नहीं हुआ, अस्तित्व मिटाने का हर कोई प्रयास हुआ लेकिन राम आज भी हमारे मन में बसे हैं.

सदियों से जारी इस अतिक्रमण से आज राम जन्मभूमि मुक्त हुई है-PM

टूटना और फिर खड़ा होना, सदियों से जारी इस अतिक्रमण से आज राम जन्मभूमि मुक्त हुई है. हमारे स्वतंत्रता आंदोलन के समय कई कई पीढ़ियों ने अपना सबकुछ समर्पित कर दिया था. गुलामी के कालखंड में कोई ऐसा समय नहीं था जब आजादी के लिए आंदोलन ना चला हो. देश का कोई ऐसा भूभाग नहीं था जहां आजादी के लिए बलिदान ना दिया गया हो. 15 अगस्त का दिन लाखों बलिदानों का प्रतीक है. स्वतंत्रता की उस इच्छा, उस भावना का प्रतीक है. उसी तरह राम मंदिर के लिए कई-कई सदियों तक कई कई पीढ़ियों ने अखंड और अविरक्त प्रयास किया है. आज का दिन उसी तप, त्याग और संकल्प का प्रतीक है.

आज पूरा भारत भावुक है. सदियों का इंतजार आज समाप्त हो रहा है-PM

पूरा देश रोमांचित है. हर मन दीपमय है. आज पूरा भारत भावुक है. सदियों का इंतजार आज समाप्त हो रहा है. करोड़ों लोगों को आज ये विश्वास ही नहीं हो रहा होगा कि वो अपने जीते जी इस पावन अवसर के साक्षी बन रहे हैं. बरसों से टाट और टेंट के नीचे रहे हमारे राम लला के लिए एक भव्य मंदिर का निर्माण होना.

राम काज किए बिना मोहे कहां आराम- पीएम मोदी

विश्वभर में फैले राम भक्तों को आज के पवित्र अवसर पर कोटि कोटि बधाई. ये मेरा सौभाग्य है कि श्री राम जन्मभूमि तीर्थ ट्रस्ट ने मुझे आमंत्रित किया और इस एतिहासिक पल का साक्षी बनने का अवसर दिया. इसके लिए मैं श्री राम जन्मभूमि तीर्थ ट्रस्ट का आभार व्यक्त करता हूं. आना स्वभाविक भी था क्योंकि राम काज किनू बिना मोहि कहां विज्ञाम

जय श्री राम के उद्घोष के साथ पीएम मोदी का भाषण

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संबोधन शुरू, सियावर राम चंद्र जी की जय के उद्घोष के साथ पीएम मोदी ने भाषण की शुरूआत की

एक तरफ योगी एक तरफ मोदी, मंदिर अब नहीं बनेगा तो कब बनेगा- महंत नित्यगोपाल दास

हमसे लोग पूछते रहे कि अयोध्या में राम मंदिर कब बनेगा, हमने उनसे बोला कि एक तरफ मोदी और एक तरफ योगी. मंदिर अब नहीं बनेगा तो कब बनेगा. तन-मन-धन अर्पण करने के लिए सब तैयार हैं. मंदिर निर्माण का कार्य शुरू हो चुका है. समस्त भक्तों की कामना पूरी होगी. मंदिर का निर्माण कार्य समय पर शुरू हो गया है.

समस्त भारतवासियों की भावनाओं को मूर्त रूप देने का यह अवसर आज पूरा हुआ है: योगी आदित्यनाथ

जिस अवधपुरी का एहसास कराने के लिए 500 साल से प्रतीक्षा थी, उसकी पूरे दुनिया को, समस्त भारतवासियों की भावनाओं को मूर्त रूप देने का यह अवसर आज पूरा हुआ है: योगी आदित्यनाथ

हमने तीस साल तक लगकर काम किया और तीस साल के आरंभ में हमें ये सुखद क्षण देखने को मिल रहा है.

आनंद का क्षण है. एक संकल्प लिया था. हमने तीस साल तक लगकर काम किया और तीस साल के आरंभ में हमें ये सुखद क्षण देखने को मिल रहा है. आडवाणी जी आज इस कार्यक्रम को घर से बैठकर देख रहे होंगे. पूरे देश में आनंद की लहर है. सदियों की तमन्ना पूरी होने की लहर है. भारत को आत्मनिर्भर बनाने के लिए जिस आत्मविश्वास की आवश्यक्ता थी उसका शुभारंभ आज हो रहा है.

राम मंदिर के भूमि पूजन पर राष्ट्रपति का संदेश

राम-मंदिर निर्माण के शुभारंभ पर सभी को बधाई! मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु राम के मंदिर का निर्माण न्यायप्रक्रिया के अनुरूप तथा जनसाधारण के उत्साह व सामाजिक सौहार्द के संबल से हो रहा है। मुझे विश्वास है कि मंदिर परिसर, रामराज्य के आदर्शों पर आधारित आधुनिक भारत का प्रतीक बनेगा।

भगवान राम के मंदिर के लिए कई महापुरुषों ने बलिदान दिया

पूज्य संतों और महापुरुषों ने अपना बलिदान दिया और उनकी एक ही तमन्ना थी कि वो अपनी आंखों के सामने भगवान राम का भव्य मंदिर बनते देख सकें. सालों तक संघर्ष चलता रहा. आखिरकार न्यायसम्मत तरीके से ये सौभाग्यशाली मौका देखने को मिला.

जय श्री राम के उद्घोष के साथ सीएम योगी आदित्यनाथ का भाषण शुरू

जय श्री राम के साथ योगी आदित्यनाथ ने अपने भाषण की शुरूआत की. जिस अवधपुरी का एहसास कराने के लिए पांच शताब्दियों की बहु प्रतिशित तिथि जिसका 135 करोड़ देशवासियों और दुनियाभर के अंदर सनातन धर्मावलंबियों और महानुभावों की भावनाओं को मुहूर्त रूप देने का सौभाग्य आज हम सबको प्राप्त हुआ है वो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी, माननीय राज्यपाल आनंदी पटेल जी, आरएसस प्रमुख मोहन भागवत जी, श्री राम तीर्थ क्षेत्र के महंत नित्य गोपाल जी महाराज आचार्य और धर्माचार्य गण और भगवान राम के सभी भक्तजनों को प्रणाम

अष्ट उपशिला का पूजन कर रहे हैं प्रधानमंत्री

प्रधान शिला पूजन के बाद अब प्रधानमंत्री अष्ट उपशिला का पूजन कर रहे हैं. भगवान राम के इष्ट देवी काली मां की पूजा के बाद भगवान शंकर की भी पूजा की गई.

पीएम मोदी ने पूजा के लिए संकल्प लिया

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भगवान राम की पूजा के लिए संकल्प किया. इस दौरान पंडित जी ने भी कहा कि उनका असीम सौभाग्य है कि उनके जजमान स्वमं प्रधानमंत्री मोदी हैं. भगवान राम के भव्य मंदिर की भूमि पूजा करवाते हुए उन्हें भी ऐसा लग रहा है जैसे वो दस बीस जन्म एक साथ ले रहे हों.

भगवान राम को आपके हाथों ही अपने मंदिर का शिलान्यास करवाना था- पंडित

राम मंदिर के लिए पूजा करवाने वाले पंडित जी ने कहा कि भगवान राम को आपके हाथों ही अपने मंदिर की पूजा करवानी थी ये आपका सौभाग्य है. इस दौरान प्रधानमंत्री हाथ जोड़े नजर आए.

पीएम ने हाथ में कूस धारण किया

भूमि पूजन से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाथ में कूस पहना. हिंदू मान्यता के अनुसार कूस को ऊंगली में धारण करने के बाद ही पूजन शुरू किया जाता है. कूस घांस का बना छल्लेनुमा रिंग होती है जिसे पूजा के समय पहना जाता है.

राम मंदिर के लिए भूमि पूजन का कार्यक्रम शुरू

प्रधानमंत्री भूमि पूजन के लिए आसन ले चुके हैं. मंत्रोच्यारण के बीच पीएम नरेंद्र मोदी हाथ जोड़कर बैठे हैं. मंच पर उनके साथ आरएसस प्रमुख मोहन भागवत, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, सीएम योगी आदित्यनाथ और राम मंदिर के मुख्य पुजारी महंत गोपालदास बैठे हैं

पीएम मोदी ने रामलला को दंडवत प्रणाम किया

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रामलला के दर्शन किए, उनकी पूजा की. इस दौरान पीएम ने साष्टांग दंडवत प्रणाम किया और परिसर में पारिजात का पौधा लगाया. प्रधानमंत्री अब मंच की तरफ बढ़ रहे हैं.

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