नई दिल्ली. Ayodhya Ram Mandir Babri Masjid Supreme Court Verdict Live Updates: सुप्रीम कोर्ट दशकों पुराने राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवाद में शनिवार को 10.30 बजे अपना फैसला सुनाया, दशकों से चले आ रहे एक मुद्दे को सुलझाने के लिए ये फैसला दिया गया. ये विवाद धार्मिक और राजनीतिक नज़रिए से बेहद बड़ा है. पूरे उत्तर प्रदेश में शनिवार से सोमवार तक सभी स्कूल, कॉलेज, शैक्षणिक संस्थान और प्रशिक्षण केंद्र बंद रहेंगे. राज्य में धारा 144 भी लगाई गई है. राष्ट्र को भारत के सबसे महत्वपूर्ण और संवेदनशील मुकदमे के फैसले का इंतजार था. इस पर प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने यह कहा है कि फैसले से किसी का नुकसान या जीत नहीं होगी. सुप्रीम कोर्ट की पांच जजों वाली एक बेंच, जिसमें भारत के मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई, जस्टिस एसए बोबडे, जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़, जस्टिस अशोक भूषण, जस्टिस एस अब्दुल नज़ीर शामिल हैं, इलाहाबाद हाईकोर्ट के 2010 के फैसले के खिलाफ अपील पर फैसला दिया. हाई कोर्ट ने इस पर फैसला दिया था कि निर्मोही अखाड़ा संप्रदाय, उत्तर प्रदेश सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड और रामलला विराजमान के बीच विवादित 2.77 एकड़ का तीन-तरफा विभाजन करके बांटा जाए.

इस फैसले के मद्देनजर राज्य में हिंसा या कानून-व्यवस्था की स्थिति को रोकने के लिए धारा 144 के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश पहले ही अयोध्या में लागू कर दिए गए हैं. अयोध्या जिला प्रशासन ने एक एडवाइजरी भी जारी की है, जिसमें लोगों को सतर्क रहने और किसी भी बदनाम मीडिया पोस्ट से बचने के लिए कहा गया है, जो सांप्रदायिक सद्भाव को बिगाड़ सकता है.

यहां पढ़ें Ayodhya Ram Mandir Babri Masjid Supreme Court Verdict Live Updates:

Highlights

अजमेर शरीफ़ दरगाह दीवान ने कहा...

अयोध्या के फैसले पर सैयद ज़ैनुल आबेदीन, अजमेर शरीफ़ दरगाह दीवान ने कहा, यह किसी की जीत या हार नहीं है. हमें सर्वोच्च न्यायालय के फैसले को स्वीकार करना चाहिए, जो कुछ भी हुआ है, वह राष्ट्र के हित में है और हमें विवाद का अंत यहीं करना चाहिए.

असदुद्दीन ओवैसी ने जताई असंतुष्टी

असदुद्दीन ओवैसी ने कहा, फैसले से संतुष्ट नहीं सुप्रीम कोर्ट वास्तव में सर्वोच्च है लेकिन अचूक नहीं है. हमें संविधान पर पूरा भरोसा है, हम अपने हक के लिए लड़ रहे थे, हमें दान के रूप में 5 एकड़ जमीन की जरूरत नहीं है. हमें इस 5 एकड़ भूमि के प्रस्ताव को अस्वीकार करना चाहिए, हमें संरक्षण नहीं देना चाहिए.

उमा भारती ने कहा, आडवानी के घर गई उनको माथा टेकने

बीजेपी नेता, उमा भारती ने अयोध्या फैसले पर कहा, कोर्ट ने एक निष्पक्ष किंतु दिव्य निर्णय दिया है. मैं आडवानी जी के घर में उनको माथा टेकने आई हूं, आडवानी जी ही वो व्यक्ति थे जिन्होंने छद्म धर्मनिरपेक्षता को चैलेंज किया था. उनकी ही बदौलत आज हम यहां तक पहुंचे हैं.

बाबा रामदेव ने कहा...

बाबा रामदेव ने कहा, यह एक ऐतिहासिक फैसला है. भव्य राम मंदिर बनेगा. मुस्लिम पक्ष को वैकल्पिक भूमि आवंटित करने का निर्णय स्वागत योग्य है, मेरा मानना है कि हिंदू भाइयों को मस्जिद के निर्माण में भी मदद करनी चाहिए.

भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण, के पूर्व निदेशक का बयान

पूर्व क्षेत्रीय निदेशक (उत्तर), भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण, केके मुहम्मद ने कहा, एएसआई द्वारा आपूर्ति की गई पुरातात्विक और ऐतिहासिक साक्ष्य के आधार पर, अदालत ने निष्कर्ष निकाला कि पहले एक बहुत बड़ा भव्य मंदिर था और हमें एक बार फिर एक नया निर्माण करना चाहिए. मुझे यह महसूस होता है कि (उन्होंने कहा था कि अयोध्या में बाबरी मस्जिद से पहले राम मंदिर मौजूद था), मुझे लोगों के एक समूह द्वारा हाउंड किया गया था. यह ठीक उसी तरह का निर्णय है जैसा हम सभी चाहते थे.

आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत का बयान

आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने कहा, हम सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले का स्वागत करते हैं. यह मामला दशकों से चल रहा था और यह सही निष्कर्ष पर पहुंच गया है. इसे जीत या हानि के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए. हम समाज में शांति और सद्भाव बनाए रखने के लिए सभी के प्रयासों का भी स्वागत करते हैं.

अमित शाह देश के सभी मुख्यमंत्रियों से कर रहे बात

सूत्रों का कहना है कि गृह मंत्री अमित शाह राज्यों की सुरक्षा की समीक्षा करने के लिए देश के सभी मुख्यमंत्रियों से बात करते हैं और उन्हें कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक उपाय करने को कह रहे हैं.

श्री श्री रविशंकर का बयान

श्री श्री रविशंकर ने कहा, यह एक ऐतिहासिक निर्णय है, मैं इसका स्वागत करता हूं. यह मामला लंबे समय से चल रहा था और आखिरकार यह एक निष्कर्ष पर पहुंच गया है. समाज में शांति और सद्भाव बनाए रखा जाना चाहिए.

रामभक्ति हो या रहीमभक्ति, सभी के लिए भारतभक्ति: पीएम नरेंद्र मोदी

पीएम नरेंद्र मोदी ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर कहा, देश के सर्वोच्च न्यायालय ने अयोध्या पर अपना फैसला सुना दिया है. इस फैसले को किसी की हार या जीत के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए. रामभक्ति हो या रहीमभक्ति, ये समय हम सभी के लिए भारतभक्ति की भावना को सशक्त करने का है. देशवासियों से मेरी अपील है कि शांति, सद्भाव और एकता बनाए रखें. सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला कई वजहों से महत्वपूर्ण है. यह बताता है कि किसी विवाद को सुलझाने में कानूनी प्रक्रिया का पालन कितना अहम है. हर पक्ष को अपनी-अपनी दलील रखने के लिए पर्याप्त समय और अवसर दिया गया. न्याय के मंदिर ने दशकों पुराने मामले का सौहार्दपूर्ण तरीके से समाधान कर दिया. यह फैसला न्यायिक प्रक्रियाओं में जन सामान्य के विश्वास को और मजबूत करेगा. हमारे देश की हजारों साल पुरानी भाईचारे की भावना के अनुरूप हम 130 करोड़ भारतीयों को शांति और संयम का परिचय देना है. भारत के शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व की अंतर्निहित भावना का परिचय देना है.

गृह मंत्री अमित शाह का बयान

गृह मंत्री अमित शाह ने कई ट्वीट करके कहा, श्रीराम जन्मभूमि पर सर्वसम्मति से आये सर्वोच्च न्यायालय के फैसले का मैं स्वागत करता हूं. मैं सभी समुदायों और धर्म के लोगों से अपील करता हूं कि हम इस निर्णय को सहजता से स्वीकारते हुए शांति और सौहार्द से परिपूर्ण ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ के अपने संकल्प के प्रति कटिबद्ध रहें. दशकों से चले आ रहे श्री राम जन्मभूमि के इस कानूनी विवाद को आज इस निर्णय से अंतिम रूप मिला है. मैं भारत की न्याय प्रणाली व सभी न्यायमूर्तियों का अभिनन्दन करता हूं. श्री राम जन्मभूमि कानूनी विवाद के लिए प्रयासरत, सभी संस्थाएं, पूरे देश का संत समाज और अनगिनत अज्ञात लोगों जिन्होंने इतने वर्षों तक इसके प्रयास किया मैं उनके प्रति कृतज्ञता व्यक्त करता हूं. मुझे पूर्ण विश्वास है कि सर्वोच्च न्यायालय द्वारा दिया गया यह ऐतिहासिक निर्णय अपने आप में एक मील का पत्थर साबित होगा. यह निर्णय भारत की एकता, अखंडता और महान संस्कृति को और बल प्रदान करेगा.

इसके बदले हमें 100 एकड़ ज़मीन भी दे तो कोई फ़ायदा नहीं: कमाल फारुकी

ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के कमाल फारुकी ने कहा, इसके बदले हमें 100 एकड़ ज़मीन भी दे तो कोई फ़ायदा नहीं है. हामारी 67 एकड़ ज़मीन पहले से ही हासिल की हुई है तो हमको दान में क्या दे रहे हैं वो? हमरी 67 एकड़ ज़मीन लेने के बाद 5 एकड़ दे रहे हैं. ये कहां का इंसाफ है?

रणदीप सुरजेवाला ने मंदिर निर्माण पर कहा,...

कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला से मीडिया ने पूछा कि क्या अयोध्या स्थल पर मंदिर का निर्माण किया जाना चाहिए? इस पर उन्होंने कहा, सुप्रीम कोर्ट का निर्णय आ चूका है, स्वभाविक तौर पर आपके सवाल का जवाब हां में है, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस भगवान श्री राम के मंदिर के पक्षधार हैं.

बीजेपी के लिए राजनीति का मुद्दा खत्म: रणदीप सुरजेवाला

अयोध्या फैसले पर कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला ने कहा, सुप्रीम कोर्ट का फैसला आ चुका है, हम राम मंदिर के निर्माण के पक्ष में हैं. इस फैसले ने न केवल मंदिर के निर्माण के लिए दरवाजे खोले बल्कि इस मुद्दे का राजनीतिकरण करने के लिए भाजपा और अन्य लोगों के लिए दरवाजे भी बंद कर दिए.

समीक्षा याचिका दायर करेंगे: ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड

ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के वकील जफरयाब जिलानी ने कहा, अगर हमारी समिति इस पर सहमत होती है, तो हम एक समीक्षा याचिका दायर करेंगे. यह हमारा अधिकार है और यह सर्वोच्च न्यायालय के नियमों में भी है.

जफरयाब जिलानी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की

ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के वकील जफरयाब जिलानी ने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, फैसले का सम्मान करें लेकिन फैसला संतोषजनक नहीं है. उस पर कहीं भी किसी प्रकार का कोई प्रदर्शन नहीं होना चाहिए. निर्णय संतोषजनक नहीं है लेकिन हम इसका सम्मान करते हैं. हमारे बीच विचार-विमर्श होगा और फिर आगे की कार्रवाई तय होगी.

यूपी और कई अन्य राज्यों में शैक्षणिक संस्थान बंद

मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, जम्मू और कश्मीर, कर्नाटक और दिल्ली में शनिवार को स्कूल, कॉलेज और अन्य शैक्षणिक संस्थान बंद रहे. एहतियात के तौर पर, सरकार ने उत्तर प्रदेश में सोमवार तक सभी स्कूलों, कॉलेजों, शैक्षणिक संस्थानों को बंद कर दिया है.

राजनाथ सिंह ने बताया ऐतिहासिक फैसला

अयोध्या फैसले पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, यह एक ऐतिहासिक फैसला है. जनता से शांति बनाए रखने की अपील की.

निर्मोही अखाड़े के प्रवक्ता कार्तिक चोपड़ा का बयान

निर्मोही अखाड़े के प्रवक्ता कार्तिक चोपड़ा ने कहा, निर्मोही अखाड़ा आभारी है कि सुप्रीम कोर्ट ने पिछले 150 वर्षों की हमारी लड़ाई को मान्यता दी है और केंद्र सरकार द्वारा श्री राम जन्मस्थान मंदिर के निर्माण और प्रबंधन के लिए निर्मोही अखाड़े को पर्याप्त प्रतिनिधित्व दिया है.

इकबाल अंसारी ने कहा, अदालत के फैसले का सम्मान

अयोध्या मामले में मुकदमों में से एक, इकबाल अंसारी ने कहा, मुझे खुशी है कि सुप्रीम कोर्ट ने आखिरकार फैसला सुनाया, मैं अदालत के फैसले का सम्मान करता हूं.

अयोध्या फैसले पर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का बयान

अयोध्या फैसले पर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा, सुप्रीम कोर्ट के फैसले का सभी को स्वागत करना चाहिए, यह सामाजिक समरसता के लिए फायदेमंद होगा. इस मुद्दे पर कोई और विवाद नहीं होना चाहिए, यही मेरी लोगों से अपील है.

सब माने सुप्रीम कोर्ट का फैसला: नितिन गडकरी

अयोध्या फैसले पर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा, हर किसी को सुप्रीम कोर्ट के फैसले को मानना चाहिए और शांति बनाए रखना चाहिए.

फैसले से संतुष्ट नहीं: सुन्नी वक्फ बोर्ड के वकील

सुन्नी वक्फ बोर्ड के वकील, जफरयाब जिलानी ने कहा, हम फैसले का सम्मान करते हैं लेकिन हम संतुष्ट नहीं हैं, हम आगे की कार्रवाई का फैसला करेंगे.

वरुण कुमार सिन्हा, हिंदू महासभा के वकील का बयान

वरुण कुमार सिन्हा, हिंदू महासभा के वकील ने कहा, यह एक ऐतिहासिक निर्णय है. इस फैसले के साथ, सर्वोच्च न्यायालय ने विविधता में एकता का संदेश दिया है.

वकीलों ने लगाए जय श्री राम के नारे

अयोध्या मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद वकीलों के समूह ने सुप्रीम कोर्ट परिसर में जय श्री राम के नारे लगाए, बाद में उन्हें अन्य वकीलों ने रुकने के लिए कहा.

हिंदू महासभा वकील का बयान

विष्णु शंकर जैन, हिंदू महासभा वकील ने कहा, सुप्रीम कोर्ट ने अयोध्या में एक प्रमुख स्थान पर मुसलमानों को 5 एकड़ वैकल्पिक भूमि देने के लिए कहा है.

मंदिर बनाने के लिए बनेगा ट्रस्ट

सुप्रीम कोर्ट का आदेश है कि 3-4 महीने के भीतर सेंट्रल गवर्नमेंट ट्रस्ट की स्थापना के लिए योजना तैयार करे और विवादित स्थल को मंदिर के निर्माण के लिए सौंप दे और अयोध्या में 5 एकड़ जमीन का एक उपयुक्त वैकल्पिक भूखंड सुन्नी वक्फ बोर्ड को दिया जाएगा.

अयोध्या भूमि रामलला की: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने कहा, अयोध्या भूमि रामलला की है. मुसलमानों को दोनों समुदायों द्वारा दावे को संतुलित करने के लिए वैकल्पिक भूमि की अनुमति दी जानी चाहिए.

मुस्लिमों को दें वैकल्पिक जगह: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिए हैं कि मुसलमानों को वैकल्पिक जमीन दी जाएगी. सुन्नी वक्फ बोर्ड को 5 एकड़ जमीन अलॉट करने का आदेश दिया है.

सूट 4 और सूट 5 पर सुप्रीम कोर्ट का बयान

सुप्रीम कोर्ट ने कहा, सुन्नी बोर्ड के सूट 4 और राम लल्ला के सूट 5 को कम करना होगा और राहत को ढाला जाना चाहिए. इस न्यायालय के प्रत्येक न्यायाधीश के पास संविधान, एससी को बनाए रखने का कार्य है. एक धर्म और दूसरे, सर्वोच्च न्यायालय के बीच अंतर नहीं कर सकते.

मंदिर मस्जिद पर सुप्रीम कोर्ट का बयान

सुप्रीम कोर्ट ने कहा, इस बात का कोई सबूत नहीं है कि मुसलमानों ने मस्जिद को छोड़ दिया. हिंदुओं का मानना था कि भगवान राम की जन्मस्थली मस्जिद के भीतरी प्रांगण में थी. स्पष्ट रूप से स्थापित है कि मुसलमानों ने अंदर के आंगन में प्रार्थना की और हिंदुओं ने बाहरी आंगन में प्रार्थना की.

मंदिर और मस्जिद पर सुप्रीम कोर्ट का बयान

सुप्रीम कोर्ट ने कहा, मुसलमानों द्वारा मस्जिद को नहीं छोड़ा गया था. हालांकि हिंदू लोग राम चबूतरा में पूजा करना जारी रखते थे लेकिन उन्होंने गर्भगृह पर भी स्वामित्व का दावा किया, सर्वोच्च न्यायालय के अनुसार, लोहे की रेलिंग की स्थापना 1856-1857 में की गई थी. कानून के शासन के खिलाफ मस्जिद का विनाश किया गया.

अंग्रेजों के आने से पहले हिंदुओं ने की पूजा

सुप्रीम कोर्ट में कहा गया कि इस बात के प्रमाण हैं कि अंग्रेजों के आने से पहले राम चबूतरा, सीता रसोई की पूजा हिंदुओं द्वारा की जाती थी. अभिलेखों में साक्ष्य से पता चलता है कि हिंदू विवादित भूमि के बाहरी अदालत के कब्जे में थे. 1856-57 के बाद बाहरी आंगन में हिन्दुओं द्वारा पूजा की व्यापक प्रकृति, मुसलमानों द्वारा उपयोग में नहीं. सामग्रियों ने संकेत दिया कि मुसलमानों द्वारा आंतरिक आंगन का परित्याग और गड़बड़ी के बावजूद, कोई परित्याग नहीं था.

अयोध्या भगवान राम की जन्मभूमि थी: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने कहा, विश्वास और विश्वास पर दावों पर फैसला नहीं किया जा सकता. ऐतिहासिक लेखों में हिंदुओं की मान्यता का संकेत मिलता है कि अयोध्या भगवान राम की जन्मभूमि थी.

सुप्रीम कोर्ट पढ़ रहा फैसला

सुप्रीम कोर्ट ने कहा, यात्रियों के खातों को आत्मनिरीक्षण के साथ पढ़ा जाना चाहिए. किसी यात्री ने जो देखा और देखा हो, उससे निष्कर्ष निकालने के लिए न्यायालय को परिवृत्त होना चाहिए.

मंदिर तोड़कर मस्जिद बनाने का सबूत नहीं

सुप्रीम कोर्ट में देखा गया कि, एएसआई ने एक हिंदू मंदिर को ध्वस्त करने के बाद मस्जिद का निर्माण किया था या नहीं, इस पर एक रिकॉर्डिंग दर्ज करने से परहेज किया. कोर्ट ने कहा, हिंदुओं का मानना है कि भगवान राम विवादित ढांचे के केंद्रीय गुंबद के ठीक नीचे पैदा हुए थे. हिंदू और मुस्लिम दोनों गवाह बताते हैं कि हिंदू और मुस्लिम विवादित स्थल पर प्रार्थना कर रहे थे. क्या कोई विश्वास उचित है, न्यायिक जांच से परे है. एक बार विश्वास स्थापित हो जाने के बाद, अदालतों को इसे टाल देना चाहिए.

जमीन को लेकर एएसआई की रिपोर्ट पढ़ी गई

सुप्रीम कोर्ट में कहा गया कि हिंदू अयोध्या को भगवान राम की जन्मभूमि मानते हैं, उनकी धार्मिक भावनाएं हैं, मुसलमान इसे बाबरी मस्जिद कहते हैं. हिंदुओं का विश्वास है कि भगवान राम का जन्म निर्विवाद रूप से यहां हुआ था. सुप्रीम कोर्ट ने कहा, हिंदुओं की आस्था और विश्वास है कि भगवान राम का जन्म गुंबद के नीचे हुआ था. विश्वास व्यक्तिगत विश्वास का विषय है.

खाली जमीन पर नहीं बनी थी मस्जिद

रंजन गोगोई ने कहा, एएसआई की रिपोर्ट कोर्ट में स्वीकार कर ली गई है. इसके मुताबिक मंदिर मस्जिद के नीचे था. एएसआई की रिपोर्ट में कहा गया है कि पर्याप्त सामग्री जो मिली है कि मस्जिद को खाली भूमि पर नहीं बनाया गया था. बाबरी अंतर्निहित संरचना पर बनाई गई थी जो इस्लामी संरचना नहीं थी.

पुरातत्व विभाग की रिपोर्ट पर रंजन गोगोई ने दिया जवाब

कोर्ट में रंजन गोगोई ने कहा, सुप्रीम कोर्ट में निर्मोही अखाड़ा का दावा केवल प्रबंधन का है. निर्मोही अखाड़ा 'शाबित' नहीं है. पुरातत्व रिपोर्ट पर तर्क दिए गए थे. भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण ने संदेह से परे हैं और इसके निष्कर्षों की उपेक्षा नहीं की जा सकती है.

रंजन गोगोई ने कहा कोर्ट रखे संतुलन

भारत के मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई ने फैसले को पढ़ते हुए कहा कि इस न्यायालय को विश्वास को स्वीकार करना चाहिए और उपासकों के विश्वास को स्वीकार करना चाहिए. कोर्ट को संतुलन बनाए रखना चाहिए.

पहले मामले में रंजन गोगोई का फैसला

भारत के मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई ने कहा, हमने शिया वक्फ बोर्ड द्वारा दायर एकल अवकाश याचिका, एसएलपी को खारिज कर दिया है, जो 1946 के फैजाबाद कोर्ट के आदेश को चुनौती देता है. भारत के मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई ने कहा, बाबरी मस्जिद का निर्माण मीर बाक़ी ने किया था. न्यायालय के लिए धर्मशास्त्र के क्षेत्र में आना अनुचित है.

शिया वक्फ बोर्ड की अपील खारीज

शिया वक्फ बोर्ड की अपील खारीज कर दी गई है. दावा सुन्नी वक्फ बोर्ड का था. पहले इलाहाबाद हाई कोर्ट ने एक तिहाई जमीन दी थी.

अधीर रंजन चौधरी ने कहा,

लोकसभा में कांग्रेस के नेता, अधीर रंजन चौधरी ने कहा, हम शंति के पक्ष में शुरू से हैं, मैं शांति का पुजारी हूं. हम सभी को सुप्रीम कोर्ट के फैसले का पालन करना चाहिए.

कुछ ही देर में सुनाएंगे फैसला

पांच-जज सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने जल्द ही अयोध्या भूमि मामले में फैसला सुनाएगी. वरिष्ठ अधिवक्ता के परासरन, सीएस वैद्यनाथन, राजीव धवन, सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता और मामले में विभिन्न पक्षों का प्रतिनिधित्व करने वाले अन्य वकील अदालत में पहुंचे. दिल्ली में अयोध्या भूमि मामले में फैसला देने वाले सुप्रीम कोर्ट के सभी पांच जज सुप्रीम कोर्ट पहुंच गए हैं.

सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा,

अयोध्या फैसले पर उत्तराखंड के सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा, मैं उत्तराखंड के लोगों से अपील करता हूं कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा जो भी फैसला दिया जाए उसे स्वीकार करें. सोशल मीडिया या अन्य प्लेटफार्मों पर कोई अफवाह या आपत्तिजनक टिप्पणी नहीं की जानी चाहिए जो सामाजिक सद्भाव पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकती है.

कोर्ट पहुंचा फैसला

सुप्रीम कोर्ट में भारी भीड़ है. सुप्रीम कोर्ट का रूम नंबर 1 पूरी तरह से भरा हुआ है. खड़े होने की भी जगह नहीं है. कोर्ट रूम के तीनों दरवाज़े अब खोल दिये गए है. सभी पक्षों के वकील अदालत में मौजूद हैं. के प्रसारण, राजीव धवन, जफरयाब जिलानी सहित सभी वकील कोर्ट में मौजूद हैं. अयोध्या श्री राम जन्मभूमि मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले की कॉपी कोर्ट 1 में लाई गई है. सील बंद कॉपी को कोर्ट मास्टर अपने पास रखे हुए है.

नीतीश कुमार ने कहा बनाए रखें शांती

अयोध्या फैसले पर बिहार के मुख्यमंत्री, नीतीश कुमार ने कहा, सुप्रीम कोर्ट के फैसले को सभी को मानना चाहिए, इस पर कोई विवाद नहीं होना चाहिए. हम सभी से अपील करते हैं कि नकारात्मक माहौल न बनाएं, सौहार्द बनाए रखा जाए.

सीजेआई के लिए जेड प्लस सुरक्षा कवर

फैसला सुनाने वाली संविधान पीठ के पांच जजों के आवासों के बाहर की दिल्ली में सुरक्षा लागू की गई थी. चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की सुरक्षा को जेड प्लस कर दिया गया थी. सुप्रीम कोर्ट और उसके आसपास भी सुरक्षा कड़ी कर दी गई है.

यूपी, जम्मू-कश्मीर और बेंगलौर में ड्राई डे

अयोध्या फैसले के मद्देनजर 9 और 10 नवंबर को पूरे उत्तर प्रदेश में सभी शराब की दुकानें बंद रहेंगी. शनिवार को बेंगलुरु और जम्मू-कश्मीर में भी शराब पर प्रतिबंध है.

दोनों पक्षों के वकील पहुंचे

सुप्रीम कोर्ट में राम लल्ला के वकील, सीएस वैद्यनाथन (चरम अधिकार), सीजेआई कोर्ट रूम के बाहर, सुन्नी वक्फ बोर्ड के वरिष्ठ वकील डॉ राजीव धवन के साथ बातचीत करते दिखे

गृह मंत्री अमित शाह के घर बैठक

गृह मंत्री अमित शाह ने अपने आवास पर एक उच्च स्तरीय सुरक्षा बैठक बुलाई. बैठक में भाग लेने के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल, इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) के प्रमुख अरविंद कुमार और अन्य वरिष्ठ अधिकारी पहुंचे.

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