नई दिल्ली. Ayodhya Land Dispute Case SC Hearing Day 28 Written Updates: अयोध्या राम जन्मभूमि मामले में सुप्रीम कोर्ट रोजाना सुनवाई कर रही है. सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ के सामने आज 28वें दिन की सुनवाई शुरू हुई. मुस्लिम पक्ष की तरफ से वरिष्ठ वकील राजीव धवन ने बहस की शुरुआत की. राजीव धवन ने पीठ के सामने कहा कि हिन्दू पक्षकार तो गजेटियर का हवाला अपनी सुविधा के मुताबिक दे रहे हैं. लेकिन गजेटियर कई अलग अलग समय पर अलग नजरिये से जारी हुए थे. लिहाज़ा सीधे तौर पर ये नहीं कहा जा सकता कि बाबर ने मन्दिर तोड़कर मस्जिद बनाई. बाबरनामा में इस बात का भी जिक्र है, कि बाबर ने कई दूसरी जगहों पर मंदिर का भी निर्माण कराया था. धवन ने कहा कि वो जस्टिस अग्रवाल के इस विचार से भी इत्तेफाक नहीं रखते जो कई रिपोर्ट को मान रहे हैं. बता दें कि चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली 5 सदस्यीय संवैधानिक पीठ इस मामले की सुनवाई कर रही है. इस संवैधानिक पीठ में जीफ जस्टिस रंजन गोगोई के अलावा जस्टिस एस.ए.बोबडे, जस्टिस डी. वाई. चंद्रचूड़, जस्टिस अशोक भूषण और जस्टिस एस. ए . नजीर भी शामिल है. यह पूरा विवाद 2.77 एकड़ की जमीन के मालिकाना हक को लेकर है.

  • धवन ने तीन शिलालेखों का हवाला देकर कहा कि इनमें कहा गया है कि बाबर के कमांडर मीर बाकी ने वहां बाबरी मस्जिद बनाई थी, इन शिलालेखों पर हिंदू पक्ष ने आपत्तियां उठाई जरुर हैं, लेकिन ये सही नही, क्योंकि इन शिलालेखों का जिक्र विदेशी यात्रियों के वर्णन और गजेटियरों में है.
  • हिन्दू पक्ष भी जब यात्रियों के वर्णन और गजेटियर पर बात करते हैं तो इन चीजों को कैसे नकार सकते हैं. धवन ने कहा कि हाईकोर्ट ने मामूली आधारों पर इन शिलालेखों को नकार दिया है, जो कि ठीक नहीं है.
  • हाईकोर्ट का कहना है कि इनमें अंतर है, लेकिन बहुत मामूली है इस आधार पर इसे खारिज नही किया जा सकता.
  • जफरयाब जिलानी ने कहा कि 1855 से पहले के किसी दावे पर भरोसा नहीं किया जा सकता.

  • जस्टिस बोबड़े ने पूछा कि कई पुरानी मस्जिदों में संस्कृत में भी कुछ लिखा हुआ मिला है. वो कैसे?
  • धवन- क्योंकि बनाने वाले मजदूर कारीगर हिन्दू होते थे तो वे अपने तरीके से इमारत बनाते थे. बनाने का काम शुरू करने से पहले वो विश्वकर्मा और अन्य तरह की पूजा भी करते थे और काम पूरा होने के बाद यादगार के तौर पर कुछ लेख भी अंकित करते थे.
  • सुन्नी पक्ष के वकील राजीव धवन ने कहा कि 1992 में मस्जिद में गिराए जाने का मकसद हकीकत को मिटाया जाना था ,इसके बाद कोर्ट में दावे किए जा रहे हैं.
  • धवन ने कहा कि सबकुछ बेवजह ध्वस्त किए जाने के इरादे से स्पष्ट होता है कि कोर्ट में दावे को सही साबित करने के लिए ऐसा किया गया. धवन ने कहा कि 1985 में शूट दाखिल किया.
  • 1989 से वीएचपी राम शिला लेकर पूरे देश मे घूमने लगी.
  • राजीव धवन ने कहा वीएचपी ने पूरे देश का माहौल खराब किया और 1992 में विवादित ढांचे को गिरा दिया गया. वीएचपी ने पूरे देश में अपना आंदोलन चलाया.

  • राजीव धवन ने कहा कि जन्मभूमि को न्यायिक व्यक्ति मानने के पीछे का मकसद यह है कि भूमि को कही शिफ्ट नही किया जा सकता है.
  • धवन ने कहा कि भगवान विष्णु स्वम्भू है और इसके सबूत मौजूद है, भगवन राम के स्वम्भू होने पर यह दलील दी जा रही है कि रात में भगवान राम किसी के ख्वाब में आये और उसको बताया कि उनका सही जन्मस्थान किस जगह पर है, क्या इसपर विश्वास किया जा सकता है.
  • मुस्लिम पक्ष की तरफ सोमवार को 29 वें दिन भी बहस जारी रहेगी. सोमवार को संविधान पीठ की सुनवाई दोपहर 12 बजे से होगी. लेकिन सोमवार को बहस 5 बजे तक जारी रहेगी अभी तक बहस सुबह 10.30 से 4 बजे तक होती है.

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