नई दिल्ली. सुप्रीम कोर्ट में अयोध्या राम जन्मभूमि विवाद पर 15वें दिन की सुनवाई शुरु हो गई है. इस मामलें में सुप्रीम कोर्ट के पांच जजों की संविधान पीठ सुनवाई कर रही है. हिंदू पक्षों में से एक, रामजन्मभूमि समिति ने बुधवार को सुप्रीम कोर्ट की पांच-न्यायाधीशों की संविधान पीठ को बताया कि कोई रिकॉर्ड या इतिहास नहीं है जिसने अयोध्या में विवादित स्थल पर एक मस्जिद का अस्तित्व स्थापित किया हो. इतिहास यह नहीं बता सकता कि अयोध्या में विवादित स्थल पर कोई मस्जिद है, श्री पीएन मिश्रा ने शीर्ष अदालत को 2010 के इलाहाबाद उच्च न्यायालय के खिलाफ अपील की एक बैच पर सुनवाई करते हुए प्रस्तुत किया था. अयोध्या में 2.77 एकड़ विवादित स्थल की 24 दिन में 24 एकड़ जमीन पर विवाद हुआ था. आज भी इसी पर बहस की जा रही है. राम जन्मभूमि पुनरुद्धार समिति की ओर से वरिष्ठ वकील पीएन मिश्रा अपना पक्ष रख रहे हैं. उन्होंने कहा, इलाहाबाद के हाई कोर्ट के जज एस यू खान ने कहा था कि इस बाबत सबूत नहीं है कि मस्जिद का निर्माण बाबर ने किया था लेकिन मैं ये अनुमान लगा सकता हूं कि ये मस्जिद बाबर ने बनाया था. पीएन मिश्रा ने कहा अनुमान है कि बाबर ने बनवाया होगा. हाई कोर्ट ने माना था कि मस्जिद का निर्माण मंदिर को नष्ट कर बनाया गया था.

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राममन्दिर की जमीन और इमारत पर जबरन कब्जा हुआ: पीएन मिश्रा

राम जन्मभूमि पुनरुद्धार समिति के वकील पीएन मिश्रा ने दलील दी कि राममन्दिर को मस्जिद बनाने के लिए जमीन और इमारत पर जबरन कब्जा किया और उसे मसजिद की शक्ल दी गई. लेकिन वहां कई सबूत छूट गए जो वहां मन्दिर होने की तस्दीक करते हैं.

ताजमहल की जमीन की दी गई कीमत: पीएन मिश्रा

पीएन मिश्रा ने कहा, इतिहास में दर्ज है कि शाहजहां ने ताजमहल बनवाने के लिए यमुना किनारे की ज़मीन जयपुर के राजा मानसिंह के उत्तराधिकारी राजा जयसिंह से चार गुना मूल्य अदा कर खरीदी थी. इसका सौदे का शाही फरमान भी मौजूद है. जयसिंह ताजमहल बनाने के लिए यमुना किनारे अपनी पुश्तैनी हवेली शाहजहां को दान करना चाहते थे लेकिन शाहजहां ने ये मंज़ूर नहीं किया. उसकी कीमत अदा की गई.

पीएन मिश्रा कर रहे बहस

शरई किताबों का हवाला देते हुए भी मिश्रा ने अपने दावे को मजबूत किया कि अपने धर्म को श्रेष्ठ और दूसरे धर्म को कमतर मत बताओ. लोगों को सही और गलत काम के बारे में बताओ. मस्जिद में सगीत के यंत्र घण्टे आदि का कोई काम नहीं. ये चिह्न तो इस्लाम के मुताबिक मकरूह हैं. मस्जिद में हो ही नहीं सकते.

पीएन मिश्रा ने दिया इस्लामिक विधि का हवाला

पीएन मिश्रा ने भी इस्लामिक विधि का हवाला देते हुए कहा कि किसी दूसरे मजहब के उपासना स्थल को कब्ज़ा कर या ढहा कर इस्लामिक उपासना स्थल नहीं बनाया जा सकता. इस्लामिक विद्वान मौलाना नदवी के फतवे का भी हवाला दिया गया. अगर किसी दूसरे धर्म का उपासना स्थल ढहा कर मस्जिद बना भी दिया जाय तब भी वो मस्जिद नहीं बल्कि उसकी मान्यता मूल धर्म के उपासना स्थल की ही रहेगी.

दोनों पक्षों के वकीलों में बहस

1648 में शाहजहां का शासन था और औरंगजेब गुजरात का शासन था. राजीव धवन ने कहा अब तक 24 बार मिश्रा सन्दर्भ से बाहर जाकर किस्से कहानियां सुना चुके हैं. कोर्ट ने (चंद्रचूड़) कहा कि ये अपने तथ्यों को रख रहे हैं. लेकिन उन्होंने मिश्रा से भी कहा कि सिर्फ सन्दर्भ बताएं. मिश्रा ने कहा कि सिर्फ कोर्ट मुझे गाइड कर सकता है मेरे साथी वकील नहीं. चीफ जस्टिस ने कहा कि आप स्वतंत्र हैं अपने तथ्य रखने को. आप रखें.

बाबरी मस्जिद निर्माण की जमीन का मालिक कौन?

पी एन मिश्रा ने कहा, इस बात के सबूत नहीं है कि मस्जिद का निर्माण बाबर ने कराया था. जस्टिस बोबड़े ने पूछा इसका मतलब है कि बाबर जमीन का मालिक नहीं था? पी एन मिश्रा ने कहा हाईकोर्ट ने बहुमत से माना था कि इस बात के सबूत नहीं है कि बाबर जमीन का मालिक था.

बाबर के कहने पर मीर बाकी ने किया बाबरी मस्जिद का निर्माण

हाई कोर्ट ने माना था कि मस्जिद का निर्माण मंदिर को नष्ट कर बनाया गया था. हाई कोर्ट ने माना था कि मस्जिद का निर्माण मंदिर को ध्वस्त कर किया गया था. बाबर के कहने पर मीर बाक़ी ने निर्माण किया था. जस्टिस चंद्रचूड़ ने पूछा इसका मतलब है कि हाई कोर्ट ने बहुमत से ये माना था कि इस बात के सबूत नही की मस्जिद का निर्माण बाबर ने कराया था? पी एन मिश्रा ने कहा है हां. इस बात के सबूत नहीं है कि मस्जिद का निर्माण बाबर ने कराया था.

पढ़ा हाई कोर्ट का आदेश

पी एन मिश्रा ने इलाहाबाद हाई कोर्ट के आदेश को पढ़ते हुए कहा कि हाई कोर्ट ने माना था मुस्लिम इस बाबत कोई सबूत नहीं कि बाबर ने बनाया था. इस बाबत सबूत नहीं है कि 1528 में मस्जिद का निर्माण किया गया और न ही इस बात के सबूत है कि इसका निर्माण बाबर ने किया था.

अनुमान है कि बाबर ने बनवाई होगी बाबरी मस्जिद

राम जन्मभूमि पुनरुद्धार समिति की ओर से वरिष्ठ वकील पीएन मिश्रा ने कहा कि इलाहाबाद के हाई कोर्ट के जज एस यू खान ने कहा था कि इस बाबत सबूत नहीं है कि मस्जिद का निर्माण बाबर ने किया था लेकिन मैं ये अनुमान लगा सकता हूँ कि ये मस्जिद बाबर ने बनाया था. जस्टिस बोबड़े ने पूछा जस्टिस अग्रवाल ने क्या कहा? पीएन मिश्रा ने कहा अनुमान है कि बाबर ने बनवाया होगा.

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