अयोध्या: भगवान राम के भव्य मंदिर निर्माण के लिए 5 अगस्त को होने वाले शिलान्यास कार्यक्रम में एक हफ्ते से भी कम का समय बचा है लेकिन भूमि पूजन से पहले कोरोना का खतरा बढ़ गया है. रामलला के पुजारी महंत प्रदीप दास समेत 14 पुलिसकर्मी कोरोना संक्रमित पाए गए हैं. पीएम मोदी के हाथों 5 तारीख को भूमि पूजन और शिलान्यास किया जाएगा लेकिन कोरोना ने प्रशासन की चिंता को बढ़ा दिया है. मंदिर ट्रस्ट ने समारोह में ज्यादा से ज्यादा 200 लोगों को आमंत्रित करने का लक्ष्य रखा है और श्रद्धालुओं से अपील की है कि भूमि पूजन के समय वहां भीड़ न लगाएं. इसके बावजूद आशंका व्य​क्त की जा रही है कि समारोह में भीड़ जुटने से संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है.

अयोध्या में कोरोना के मामलों पर गौर करें तो ये देखने को मिलता है कि जिले में कोरोना के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं जबकि रिकवरी रेट काफी कम है.
29 जुलाई तक अयोध्या जिले में कुल 993 कोरोना के केस दर्ज किए गए जिनमें से 13 लोगों की मौत हो चुकी है और 605 मरीज ठीक हो चुके हैं. प्रशासन के मुताबिक हफ्ते भर पहले अयोध्या में 703 कोरोना के मामले थे जिनमें से 483 ठीक हो चुके थे. सात दिनों के अंदर जिले में 290 केस और जुड़े और इस अवधि में 122 लोग डिस्चार्ज हुए. इस तरह एक्टिव केसों की संख्या बढ़ गई. पिछले हफ्ते तक अयोध्या का रिकवरी रेट 73% था, जो इस हफ्ते घटकर 68% पर आ गया है.

पिछले एक हफ्ते के आंकड़ों पर गौर करें तो अयोध्या में औसतन हर दिन 21 नए केस दर्ज हो रहे थे, लेकिन पिछले हफ्ते के दौरान हर दिन औसतन 44 नए केस दर्ज हुए. आंकड़े ये भी बताते हैं कि हर 12 दिन में कोरोना के मामले दोगुने हो रहे हैं. भारत में राष्ट्रीय स्तर पर केस दोगुना होने में 20 दिन का समय लग रहा है, जबकि उत्तर प्रदेश में 15 दिन में केस दोगुने हो रहे हैं.

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