नई दिल्ली. अयोध्या राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवाद मामले में मध्यस्थता कमिटी ने अपनी रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट को सौंप दी है. इस रिपोर्ट में कमेटी ने माना कि मध्यस्थता से इस मामले में किसी नतीजे तक नहीं पहुंचा जा सकता. सीजेआई जस्टिस रंजन गोगोई ने टिप्पणी की कि मध्यस्थता कमेटी किसी भी नतीजे पर पहुंचने में असफल रही है. ऐसे में इस में सु्प्रीम कोर्ट ने तय किया है कि 6 अगस्त से इस मामले की रोजाना सुनवाई होगी. सुप्रीम कोर्ट हफ्ते में तीन इस मामले पर सुनवाई करेगा. 

आपको बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने मार्च में बाबरी मस्जिद और राम जन्मभूमि विवाद मामले में अदालत से बाहर बातचीत कर हल निकालने के लिए मध्यस्थता कमिटी का गठन किया था. तीन सदस्यीय मध्यस्थता पैनल में रिटायर्ड जस्टिस कलीफुल्ला, आध्यात्मिक गुरु श्री श्री रविशंकर और वरिष्ठ वकील श्रीराम पंचू को शामिल किया गया था. बीते सोमवार को मध्यस्थता कमेटी की आखिरी बैठक हुई थी. बता दें कि इश मामले में मध्यस्थता से हल निकलने की उम्मीद कम ही थी.

चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने कहा- मध्यस्थता कमेटटी इस मामले में किसी भी अंतिम नतीजे तक पहुंचने में नाकामयाब रही

सुप्रीम कोर्ट ने इस कमिटी को अयोध्या जमीन विवाद मामले के सभी पक्षकार रामलला विराजमान, सुन्नी वक्फ बोर्ड और निर्मोही अखाड़ा से बातचीत कर हल निकालने के निर्देश दिए गए थे. साथ ही पहले कमिटी को 8 हफ्ते के भीतर अपनी रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट में सौंपने के लिए कहा गया था, हालांकि बाद में यह अवधि बढ़ा दी गई.

अब मध्यस्थता पैनल ने अयोध्या मामले के सभी पक्षकारों से बातचीत कर अपनी रिपोर्ट तैयार कर ली है. सूत्रों के मुताबिक कमिटी ने अपनी रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में सुप्रीम कोर्ट को गुरुवार को सौंप भी दी. अब शीर्ष अदालत इस रिपोर्ट को शुक्रवार दोपहर करीब दो बजे खोलेगा और आगे की सुनवाई पर विचार करेगा. इससे पहले मध्यस्थता कमिटी ने 18 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट में स्टेटस रिपोर्ट सौंपी थी.

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