Wednesday, December 7, 2022

एमसीडी चुनाव 2022 नतीजे

एमसीडी चुनाव  (250 / 250)  
BJP - 104
CONG - 09
AAP - 134
OTH - 03

लेटेस्ट न्यूज़

Time मैगज़ीन के पर्सन ऑफ द ईयर बने यूक्रेनी राष्ट्रपति जेलेंस्की

0
नई दिल्ली : यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की को विश्व प्रसिद्ध पत्रिका टाइम ने पर्सन ऑफ द ईयर 2022 बनाया है. बता दें, हर साल...

उत्तराखंड : कोर्ट ने Facebook पर लगाया 50 हजार का जुर्माना, जानिए पूरा मामला

0
नैनीताल : बुधवार (7 दिसंबर) को नैनीताल हाईकोर्ट ने फेसबुक पर 50 हजार का जुर्माना लगाया है. ये जुर्माना सही समय पर जवाब दाखिल...

हैदराबाद : देह व्यापर में धकेली जा रही थीं 14 हज़ार लड़कियां, ऐसे पकड़ा...

0
Hyderabad: हैदराबाद की साइबराबाद पुलिस को देह-व्यापर के गोरकधंधे में एक बड़ी कामयाबी हासिल हुई है. पुलिस ने वेश्यावृत्ति का राजफास करते हुए 17...

Aspergillosis fungus :ब्लैक और वाइट फंगस के बाद एस्परगिलोसिस फंगस ने बढ़ाई चिंता, वडोदरा में मिले 8 मरीज

नई दिल्ली. ऐसे समय में जब गुजरात ब्लैक फंगस के मामलें बढ़ रहें हैं. वहीं वडोदरा के डॉक्टरों ने कहा है कि वह एस्परगिलोसिस नामक एक और फंगल संक्रमण देखने को मिल रहे हैं. ब्लैक फंगस की तरह, एस्परगिलोसिस भी मुख्य रूप से कोविड -19 के मरीजों  में देखा जा रहा है या जो हाल ही में बीमारी से उबर चुके हैं. गुरुवार तक वडोदरा में ब्लैक फंगस के 262 मामले और एस्परगिलोसिस के आठ मामले थे. आठ मामलों को शहर के एसएसजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है.

वडोदरा शहर और जिले के  कोविड -19 प्रबंधन के सलाहकार डॉ शीतल मिस्त्री ने कहा “फुफ्फुसीय एस्परगिलोसिस मुख्य रूप से एमकॉम प्रोमाइज्ड रोगियों में देखा जा रहा है. हालांकि, साइनस पल्मोनरी एस्परगिलोसिस दुर्लभ है. हम इन संक्रमणों को उन लोगों में देख रहे हैं जो अभी-अभी कोविड -19 से ठीक हुए हैं या उनका इलाज चल रहा है. एस्परगिलोसिस ब्लैक फंगस की तरह घातक नहीं है, लेकिन हो सकता है घातक” 

विशेषज्ञों ने कोविड -19 रोगियों और ठीक होने वालों में फंगल संक्रमण के बढ़ते मामलों के लिए कोविद -19 मामलों के उपचार के दौरान स्टेरॉयड के उपयोग को जिम्मेदार ठहराया है.

डॉ. मिस्त्री ने शहर में फंगल संक्रमण में वृद्धि के लिए जिम्मेदार कारक के रूप में ऑक्सीजन की आपूर्ति को हाइड्रेट करने के लिए उपयोग किए जाने वाले गैर-बांझ पानी के उपयोग को भी जिम्मेदार ठहराया.

पिछले हफ्ते एक प्रेस वार्ता में, नीति आयोग के सदस्य (स्वास्थ्य) डॉ वीके पॉल ने कहा कि कोविड -19 के उपचार में स्टेरॉयड का “तर्कहीन” उपयोग काले कवक के मामलों में वृद्धि के लिए प्रमुख योगदानकर्ता है. यह कहते हुए कि स्टेरॉयड “मैजिक दवाएं” हैं जो कोविड -19 जटिलताओं को नियंत्रित करने में मदद कर सकती हैं, उन्होंने स्वास्थ्य पेशेवरों को उन्हें बुद्धिमानी से और सही समय पर सही मात्रा में उपयोग करने के लिए आगाह किया.

एस्परगिलोसिस क्या है?

रोग नियंत्रण केंद्र (सीडीसी) के अनुसार एस्परगिलोसिस एस्परगिलस के कारण होने वाला एक संक्रमण है, जो एक सामान्य सांचा (एक प्रकार का फंगस) है जो घर के अंदर और बाहर रहता है.

सीडीसी कहते हैं “ज्यादातर लोग बीमार हुए बिना हर दिन एस्परगिलस बीजाणुओं में सांस लेते हैं. हालांकि, कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली या फेफड़ों की बीमारियों वाले लोगों को एस्परगिलस के कारण स्वास्थ्य समस्याओं के विकसित होने का अधिक खतरा होता है.एस्परगिलस के कारण होने वाली स्वास्थ्य समस्याओं में एलर्जी प्रतिक्रियाएं, फेफड़ों में संक्रमण और अन्य अंगों में संक्रमण.” 

White Fungus Case Found In Delhi : सर गंगा राम हॅास्पिटल में मिला पहला वाइट फंगस का मामला, मरीज के आंत में कई छेद दिखे

India Covid Latest Updates : बीते 2 दिनों के मुकाबले बढ़े कोरोना के केस, राहत की बात ये कि रिकवरी रेट भी बढ़

Latest news