नई दिल्ली. नए सूचना तकनीकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने गुरुवार को ट्विटर को चेतावनी दी है। उन्होंने कहा भारत में काम करने वाली हर कंपनी को भारत के कानून मानने चाहिए। अश्विनी वैष्णव ने दो टूक कहा है कि आगे भारत में कोई काम करता है तो उसे देश का कानून मानना ही होगा।

नौकरशाह से नेता बने अश्विनी वैष्णव ने आज आईटी, इलेक्ट्रॉनिक्स और संचार मंत्रालय का कार्यभार संभाल लिया है। कार्यभार संभालते ही उन्होंने नए आईटी नियमों को लेकर ट्विटर को चेतावनी दी है। ट्विटर की मनमानी पर मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए अश्विनी वैष्णव ने साफ कर दिया कि देश का कानून सबके लिए बराबर है और हर किसी को इसे मानना ही होगा।

संसद सदस्य के रूप में वैष्णव का यह पहला कार्यकाल है और वह कैबिनेट मंत्री के रूप में इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय, संचार मंत्रालय और रेल मंत्रालय के प्रभारी होंगे। वैष्णव ने इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय और संचार मंत्रालय में वरिष्ठ बीजेपी नेता रविशंकर प्रसाद की जगह ली है।

ये प्रतिक्रिया ऐसे समय पर आई जब ट्विटर ने आज दिल्ली हाईकोर्ट से कहा है कि वह आठ हफ्तों के भीतर शिकायत अधिकारी की नियुक्त करेगा। ट्विटर ने कोर्ट को ये भी बताया कि वह आईटी नियमों के अनुपालन के लिए भारत में एक संपर्क कार्यालय स्थापित करने की प्रक्रिया में है। यह कार्यालय उनका स्थायी होगा।

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