नई दिल्ली. पिछले कुछ दिनों राफेल सौदा लगातार विवादों में चल रहा है. ऐसे में फ्रांस के तीन (03) राफेल लड़ाकू विमान भारतीय वायुसेना के ग्वालियर बेस पर पहुंच गए हैं. जो ‘पिच ब्लैक’ एक्सरसाइज कुछ ही समय पहले आस्ट्रेलिया में समपन्न हुई, ये तीनों ही विमान फ्रांस के उस बेड़े का हिस्सा है. इसमें भारतीय वायुसेना ने भी शिरकत की थी.

खबर है कि आस्ट्रेलिया से लौटते हुए शनिवार को फ्रांस के तीन राफेल लड़ाकू विमानों सहित एक एटलस-400एम मिलिट्री ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट, एक सी-135 रिफ्यूलर विमान और एक एयरबस कार्गो विमान को ग्वालियर में उतारा गया. ये बेड़ा ग्वालियर में तीन दिनों तक रखा जाना है. इस बीच दोनों ही देशों की वायुसेना साथ में उड़ान भर सकती हैं. भारत के मिराज-2000एच लड़ाकू विमानों की स्कावड्रन पहले से ही ग्वालियर बेस पर तैनात हैं. इससे पहले साल 2015 में बेंगलुरू में हुए एयरो-शो में भी राफेल लड़ाकू विमानों को शामिल किया गया था और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मौजूदगी में एयर-मैन्युवेरेलिटी का प्रदर्शन किया था.

फ्रांस और भारत के बीच जिन 36 राफेल लड़ाकू विमानों का सौदा किया गया है उसकी पहले खेप 2019 तक भारत आनी है. इंडियन एयरफोर्ट के अंबाल में स्थित एयरबेस पर राफेल के पहले स्क्वाड्रन को तैनात किया जाएगा. इसका नाम गोल्डन ऐरो रखा गया है. वहीं सिकिक्म के करीब उत्तरी बंगाल के हाशिमारा में दूसरा स्क्वाड्रन तैनात होगा.

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