नई दिल्ली: कृषि कानूनों को लेकर जारी किसान आंदोलन के बीच गृहमंत्री अमित शाह ने किसानों के नाम संदेश दिया है और उनसे बातचीत की पेशकश की है. न्यूज एजेंसी एएनआई को दिए इंटरव्यू में अमित शाह ने कहा कि किसानों की हर समस्या और मांग पर विचार करने के लिए केंद्र सरकार तैयार है. अमित शाह ने किसानों से अपील करते हुए कहा कि जो किसान भाई पंजाब और हरियाणा बार्डर पर आंदोलन कर रहे हैं, उनसे अपील करना चाहता हूं कि भारत सरकार उनसे बात करने को तैयार है. गौरतलब है कि किसानों की मांग कर रहे हैं कि उन्हें जंतर मंतर पर प्रदर्शन की इजाजत दी जाए लेकिन सरकार उन्हें ऐसा करने से रोक रही है. सरकार ने दिल्ली के बुराड़ी स्थित निरंकारी ग्राउंड में प्रदर्शन की इजाजत दी है. कई किसान इस बात को लेकर राजी नहीं हैं और सिंधू बार्डर पर डटे हुए हैं. हर रोज किसान संगठन सुबह 11 बजे मीटिंग करते हैं और दिनभर की रणनीति तय करते हैं.

किसानों की मांग है कि केंद्र सरकार तीनों कृषि बिल को वापस लें. आंदोलन से पहले किसान नेताओं ने दिल्ली आकर कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर से मुलाकात करने की कोशिश की लेकिन किसान नेताओं से कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर नहीं मिले. इस व्यवहार से बौखलाए किसान नेताओं ने कृषि मंत्रालय से बाहर निकलकर कृषि बिल की प्रतियां फाड़ी और फिर आंदोलन की रूपरेखा तैयार हुई.

फिलहाल गृहमंत्री किसानों को मनाने के लिए खुद गृहमंत्री अमित शाह ने मोर्चा संभाला है और किसानों के नाम संदेश में कहा है कि ‘अगर किसान चाहते हैं कि भारत सरकार जल्दी बात करे, 3 दिसंबर से पहले बात करे, तो मेरा आपको आश्वासन है कि जैसी ही आप निर्धारित स्थान पर स्थानांतरित हो जाते हैं, उसके दूसरे ही दिन भारत सरकार आपकी समस्याओं और मांगों पर बातचीत के लिए तैयार है.’

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