गुवाहाटी. भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने रविवार को पार्टी की असम इकाई को आश्वासन दिया कि यह सुनिश्चित करने के लिए उपाय किए जाएंगे कि कोई भी अवैध अप्रवासी राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) में जगह न पाए. अमित शाह, जो केंद्रीय गृह मंत्री भी हैं, ने नॉर्थ ईस्ट काउंसिल (एनईसी) के 68 वें पूर्ण सत्र के आयोजन स्थल पर एक ज्ञापन प्रस्तुत करने के बाद, पार्टी की राज्य इकाई के अध्यक्ष रंजीत दास ने संवाददाताओं से कहा कि उन्होंने पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के साथ विवादास्पद एनआरसी की विसंगतियों पर चर्चा की.

दास ने बताया कि, अमित शाह ने हमें आश्वासन दिया कि भाजपा की भारत में एक भी अवैध प्रवासी को अनुमति नहीं देने की प्रतिबद्धता अपरिवर्तित है. पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने राज्य इकाई से कहा कि इस संबंध में चिंता करने की कोई बात नहीं है. उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि 1971 से पहले भारत आने वाले सभी लोगों को आवश्यक सुरक्षा दी जाएगी. एनईसी के अध्यक्ष शाह ने दिन में पहले कहा था कि केंद्र देश में एक भी अवैध अप्रवासी को रहने की अनुमति नहीं देगा.

उन्होंने कहा, विभिन्न वर्गों द्वारा एनआरसी पर सवाल उठाए जा रहे हैं, लेकिन आज मैं सिर्फ यह कहना चाहता हूं कि भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि एक भी अवैध अप्रवासी क्षेत्र में प्रवेश न करें.

दरअसल हाल ही में केंद्र सरकार ने एनआरसी की लिस्ट जारी की. इस लिस्ट में कई लोगों के नाम शामिल नहीं हैं. इस लिस्ट पर विवाद छिड़ गया है क्योंकि सालों से भारत में रह रहे लोगों के नाम भी इस लिस्ट में शामिल नहीं हैं. यहां तक की कई भाजपा नेताओं ने भी लिस्ट पर सवाल उठाए हैं. सरकार द्वारा जारी इस लिस्ट पर विपक्ष सवाल उठा रही है और इसे सरकार की मनमानी करार कर रही है. वहीं सरकार का कहना है कि ये अवैध प्रवासियों को रोकने के लिए है.

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