नई दिल्ली. जेल में कैदियों को सजा काटने लिए रखा जाता है लेकिन इन्हीं जेलों में उन्हें वीआईपी फैसिलिटी मिले तो वह किस बात की सजा. एक ऐसा ही मामला राजस्थान की अजमेर जेल से आया है, यहां कैदियों को 8 लाख रुपये महीना देने पर फाइव स्टार लग्जरी का मजा मिलता है. बैरक के अंदर कैदियों को वीआईपी सुविधाएं दी जाती हैं, इस बात का खुलासा एंटी करप्शन ब्यूरो की जांच में हुआ है. एसीबी (ACB) के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि अजमेर सेंट्रल जेल के हर बैरक में एक कमरा था जिसमें कैदियों को ये वीआईपी सुविधाएं दी जाती थीं.

जेल में जांच के दौरान हमने पाया कि बैरक नंबर 1 से बैरक नंबर 15 के बीच उन कैदियों के लिए एक वीआईपी कमरा था, जो पैसे देते थे. इन कमरों पर चाक से निशान बनाए गए थे और इन कैदियों को एक साफ-सुथरा कमरा, विशेष भोजन, साफ कपड़े आदि जैसी कई सुविधाएं प्रदान की जाती थीं. अधिकारी ने कहा कि इन वीआईपी कमरों के किराए के रूप में हर महीने 8 लाख रुपये का भुगतान किया जाता है. जेल के कर्मचारियों के बिचौलिए जेल के बाहर से परिवार के सदस्यों से धन इकट्ठा करते थे और जबकि कुछ परिवार के सदस्यों ने नकद राशि का भुगतान ऑनलाइन मोड के माध्यम से भी किया.

इसके साथ ही अधिकारी ने बताया कि हमने अलग-अलग बैंकों को लिखा है कि वे हमें रैकेट में आरोपियों के बैंक स्टेटमेंट उपलब्ध कराएं. अब तक 18 बैंक खातों को जब्त कर लिया गया है. एसीबी के एक अन्य वरिष्ठ अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि परिजनों ने तंबाकू, सिगरेट जैसे विभिन्न उत्पादों के लिए भी भुगतान किया है. अधिकारी ने कहा, सिगरेट के एक पैकेट की दर 12,000 रुपये से 15,000 रुपये के बीच थी और तंबाकू के एक पैकेट की कीमत 300 रुपये से 500 रुपये के बीच. एसीबी ने इस साल जुलाई में जेल के कैदियों को सेवाएं देने के लिए चलाए जा रहे रिश्वतखोरी रैकेट का भंडाफोड़ किया था. रैकेट के संबंध में अब तक 12 लोगों को गिरफ्तार किया गया है और इनमें चार जेल कर्मचारी, दो कैदी और एक कैदी के रिश्तेदार शामिल हैं.

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