गुवाहाटी/नई दिल्ली: फ्लाइट में खराब क्वॉलिटी का खाना परोसे जाने की खबरें कई बार सामने आ चुकी हैं लेकिन देश की कुछ विमान कंपनियां हैं जिनके कान पर जूं तक नहीं रेंग रही है. बाजार कीमतों से कहीं ज्यादा पैसा लेने के बावजूद यात्रियों को खराब खाना परोसा जा रहा है. इस बार मामला एयर एशिया से जुड़ा है. रविवार दोपहर 12:30 बजे गुवाहाटी से दिल्ली आ रही एयर एशिया की फ्लाइट संख्या 15769 में खाने के लिए लोकल सैंडविच परोसा गया जिसपर कहीं भी FSSAI मार्क नहीं था.

इस बारे में जब ऑन बोर्ड फ्लाइट अटेंडेंट से शिकायत की गई तो उन्होंने कहा कि उन्हें यही सैंडविच यात्रियों को परोसने के लिए कहा गया है. इसके बाद फ्लाइट में सफर कर रहे यात्री ने सैंडविच खाने से मना कर दिया और उन्हें पैसे देकर दूसरा खाना आर्डर करना पड़ा. सवाल ये कि इतनी बड़ी एयरलाइंस कंपनी FSSAI नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए कैसे बिना लेबलिंग और डिस्पले के पैक किया हुआ खाना लोगों को कैसे परोस रही है? अगर ये खाना खाकर कोई बीमार होता है तो जवाबदेही किसकी होगी?

एयर एशिया कैसे उड़ा है FSSAI नियमों की धज्जियां?

एयर एशिया जो सैंडविच का पैकेट यात्रियों को दे रहा है उसमें खाने का नाम, न्यूट्रीशन, इंटीग्रेंट्स डिस्पले किया गया है. इसके अलावा ना तो मैनुफैक्चरिंग डेट कहीं लिखी है ना ही पैकेजिंग डेट का कहीं अता-पता है, ना ही कहीं लॉट या कोड नंबर लिखा है ना ही मैनुफैक्चरिंग यूनिट का पूरा पता है. यही नहीं खाने पर एमआरपी भी दर्ज नहीं है. इन सबके अलावा खाने के पैकेट पर FSSAI मार्का भी नहीं है जो इस बात को सुनिश्चित करता है कि खाने को दिया जा रहा ये खाना खाने के लिए पूरी तरह सुरक्षित है.

पैक खाने को लेकर क्या है FSSAI का नियम?

फूड सेफ्टी एंड स्टेंडर्ड अथॉरिटी ऑफ इंडिया (FSSAI) के मुताबिक फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड (लेबलिंग एंड डिस्पले) 2020 के अंतर्गत प्री पैक्ड खाने पर खाने की मैनुफैक्चरिंग, प्रोसेसिंग, परोसने और स्टोर करने से संबंधित लेबलिंग करना अनिवार्य है. रेगुलेशन के मुताबिक FSSAI लेबलिंग किए हुए सामान पर मिश्रित पैक, बेस्ट बिफोर डेट, मैनुफैक्चरिंग डेट, पैकेजिंग डेट, ई-कॉमर्स, फूड फॉर कैटरिंग पर्पस, फ्रंट ऑफ पैक, लॉट नंबर या कोड नंबर, इनफेंट, मल्टी यूनिट पैकेज, नॉन रिटेल कंटेनर, वेज-नॉन-वेज फूड, पैकेज/कंटेनर, डीआरए, प्रिंसिपल डिस्पले पैनल और एक्सपायरी डेट लिखा होना जरूरी है.

इसके अलावा खाने के पैकेट पर खाने का नाम, खाने को बनाने में इस्तेमाल सामग्री और मिश्रण की मात्रा और न्यूट्रीशियन संबंधी जानकारी देना अनिवार्य है. यही नहीं वेज खाने पर वेज और नॉन-वेज खाने पर नॉन-वेज लोगो लगाना भी जरूरी है. नियम ये भी कहता है कि खाने के पैकेट पर ब्रांड ओनर का पूरा पता होना भी जरूरी है. खान के पैकेट पर खाने का वजन और एमआरपी भी लिखा होना चाहिए. बेस्ट बिफोर यूज अतिरिक्त जानकारी के तौर पर लिखा जा सकता है.

एयर एशिया पर खाने की लापरवाही के पहले भी लग चुके हैं आरोप

एयर एशिया पर खाने-पीने की चीजों में लापरवाही के पहले भी आरोप लग चुके हैं. साल 2018 में मलेशिया से भारत आ रहे एयर एशिया के विमान में एक बुजुर्ग शाकाहारी व्यक्ति को पनीर सैंडविच के नाम पर नॉनवेज खिला दिया गया था जिसके बाद पंचकुला के कंज्यूमर फोरम ने एयर एशिया पर 1.54 लाख रूपये का जुर्माना लगाया था.

पूर्व नागरिक उड्डयन मंत्री को भी खाना बदलने के बदले चुकाने पड़े थे पैसे

पूर्व नागरिक उड्डयन मंत्री जयंत सिन्हा के साथ भी एयर एशिया विमान में एक ऐसी ही घटना घटी थी जब उन्होंने अपने टिकट पर प्री बुक साउथ इंडियन खाने को बदलने का अनुरोध किया तो उन्हें मना कर दिया गया. बाद में जयंत सिन्हा को पैसे देकर अपने लिए सनैक्स मंगवाने पड़े.

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