नई दिल्ली: देशवासियों के लिए मेडिकल साइंस की ओर से एक अच्छी खबर सामने आई है. दरअसल अब जल्द ही वर्षों से चल रही अंधापन की समस्या से भारत को मुक्ति मिल सकेगी. करीब तीन साल से इस बीमारी पर सर्वे करने वाली एम्स की रिसर्च टीम ने देश में अंधापन के चुनिंदा केस होने की पुष्टी की है. खबर है कि आने वाले जून माह में यह टीम अपनी तैयार की गई रिपोर्ट केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय को सौंप देगी. जिसके बाद भारत सरकार इसे सार्वजनिक कर सकती है ऐसा माना जा रहा है.

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, एम्स की रिसर्च टीम द्वारा करीब तीन से चल रहे अंधापन बीमारी का सर्वे पूरा हो चुका है. जानकारी के मुताबिक, इस सर्वे में करीब 90 हजार लोगों को शामिल किया गया था. इस मामले में एम्स के आरपी सेंटर के नेत्ररोग विशेषज्ञ डॉ. प्रवीण वशिष्ठ बताया कि साल 2015 में राष्ट्रीय दृष्टिहीनता सर्वे कार्यक्रम की शुरूआत की गई थी. सर्वे के दौरान टीम ने देश के 30 जिलों में जाकर टीम ने जांच और पूछताछ की. हर एक जिले के करीब 3 हजार लोगों को इसमें शामिल किया गया.

डॉ. प्रवीण ने आगे बताया कि अभी तक यह सर्वे करीब 28 जिलों में पूर्ण हो चुका है. हालांकि 2 जिलों में टीम अभी काम कर रही है. उम्मीद है कि आने वाले जून माह तक रिपोर्ट तैयार कर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय को सौंप दी जाएगी. बाद में सरकार रिपोर्ट को सार्वजनिक कर सकती है. बताते चलें कि कुछ दिनों पहले ही केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने देश को आंखों की बीमारी ट्रेकोमा से मुक्त घोषित किया था. उस वक्त भी एम्स की इसी रिसर्च टीम ने सरकार को रिपोर्ट सौंपी थी.

सरकार ने लॉन्च किए बायोडिग्रेडेबिल सैनेटरी पैड, ढाई रुपये की कीमत पर होंगे उपलब्ध

सर्वाइकल के दर्द से हैं काफी परेशान तो ये घरेलू उपचार करेगा रामबाण इलाज…

खाली पेट चाय पीते हैं तो हो जाएं सतर्क, हो सकती हैं ये गंभीर परेशानियां

देश और दुनिया की ताजातरीन खबरों के लिए हमे फॉलो करें फेसबुक,गूगल प्लस, ट्विटर पर और डाउनलोड करें Inkhabar Android Hindi News App