फैजाबादः अयोध्या में राम जन्म भूमि और बाबरी मस्जिद को लेकर हिंदू और मुस्लिमों के बीच लंबे समय से चले आ रहे विवाद के बीच अब विवादित भूमि पर बोद्ध समुदाय ने भी अपना दावा ठोका है. बौद्ध सदस्यों द्वारा सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका में कहा गया है कि विवादित भूमि पर आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया द्वारा की गई 4 खुदाई हैं, जिनमें बौद्ध धर्म से जुड़े अवशेष मिले हैं. जिसके चलते उन्होंने दावा किया है कि अयोध्या की विवादित भूमि असल में एक बौद्ध स्थल है.

6 मार्च को अयोध्या के रहने वाले एक बौद्ध विनीत कुमार मौर्या द्वारा दाखिल की गई इस याचिका के अनुसार अयोध्या में बाबरी मस्जिद के निर्माण से पहले विवादित भूमि का संबंध बौद्ध धर्म से था. याचिकाकर्ता का कहना है आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया द्वारा की गई खुदाई में बौद्ध स्तूप, गोल स्तूप और दीवारें मिली हैं. जो कि विवादित स्थल पर बुद्ध विहार होने की ओर इशारा करती हैं.

याचिकाकर्ता ने दावा किया है कि खुदाई के दौरान 50 जगहों पर खुदाई के बाद भी हिंदू मंदिर और किसी भी हिंदू संरचना के अवशेष नहीं मिले थे. बता दें कि 14 मार्च को हुई सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने सभी याचिकाओं को रद्द कर दिया है और शीर्ष अदालत का कहना है कि अब सिर्फ मुख्य याचिकाओं पर ही सुनवाई होगी.

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