नई दिल्ली. अफगानिस्तान में हालात फिर से बदल गए हैं। यहां तालिबान ने सत्ता अपने हाथ में ले ली है। तालिबान ने ऐलान किया है कि देश का नाम फिर ‘Islamic Emirate of Afghanistan’ कर दिया जाएगा। तालिबान के एक अधिकारी ने कहा है कि विद्रोही संगठन जल्द ही काबुल स्थित राष्ट्रपति परिसर से अफगानिस्तान को इस्लामी अमीरात बनाने की घोषणा करेगा।

वहीं काबुल एयरपोर्ट पर अमेरिकी सेना द्वारा भी हवाई फायरिंग की गई है, यहां इकट्ठी रही भीड़ को काबू में करने के लिए अमेरिकी सेना ने ऐसा किया है। बता दें कि काबुल एयरपोर्ट पर करीब 6 हजार से ज्यादा अमेरिकी जवान मौजूद हैं, जिनका मकसद अमेरिकी लोगों को बाहर निकालना है।

भारत की नजर

भारत भी अपने नागरिकों को अफगानिस्तान से निकालने में जुटा है। सूत्रों के मुताबिक, सरकार ने एअर इंडिया से दो विमान रिजर्व पर रखने को कहा है, ताकि काबुल से लोगों को निकाला जा सके।

यूएन की नजर

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटरेश ने तालिबान और दूसरे समूहों से अपील की है कि वो आम नागरिकों की जान बचाने की कोशिश करें।

संयुक्त राष्ट्र के एक प्रवक्ता ने कहा कि आने वाले समय में यहां महिलाओं के अधिकारों को लेकर यूएन चिंतित है। उन्होंने कहा कि यूएन अफ़ग़ानिस्तान में शांति चाहता है। एंटोनियो गुटरेश ने एक ट्वीट कर कहा कि अफ़ग़ानिस्तान में जारी संघर्ष और मानवाधिकार के गंभीर उल्लंघन की ख़बरों के वहां से हज़ारों लोग पलायन कर रहे हैं। यहां सालों बाद महिलाओं और लड़कियों को मिले मानवाधिकारों को बचाए जाने की ज़रूरत है।

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