मुंबई. Mumbai Aarey Forest Trees Cut Protest Highlights: बॉम्बे हाई कोर्ट ने मेट्रो प्रोजेक्ट के लिए 2,500 से अधिक पेड़ों की कटाई के लिए अपनी मंजूरी दे दी है. जिसके एक दिन बाद मुंबई के ग्रीन लंग आरे जंगल को बचाने के लिए लड़ाई को आगे बढ़ाने की योजना के तहत बीएमसी अधिकारियों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन हुआ. इसके बाद कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया और आरे की ओर जाने वाली सड़कों को पुलिस ने बंद कर दिया. मेट्रो निर्माण के लिए पेड़ काटे जाने पर शिवसेना नेता आदित्य ठाकरे ने नाराजगी जाहिर की है. उन्होंने सोशल मिया पर ट्वीट करके आरे जंगल में पेड़ काटे जाने पर गुस्सा जताया. आदित्य ठाकरे ने कहा, ये गुस्सा पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में जाकर दिखाना चाहिए, पेड़ नहीं आतंकी कैंप को नष्ट करना चाहिए. उन्होंने कहा कि अगर आरे को छुआ गया तो वह बर्दाश्त नहीं करेंगे. वहीं प्रदर्शन कर रहे कार्यकर्ताओं ने सुन्दरलाल बहुगुणा की तरह एक चिपको आंदोलन शुरु कर दिया है. कार्यकर्ता पेड़ों से चिपक कर उन्हें बचाने की कोशिश में जुटे हैं.

शुक्रवार को हाई कोर्ट ने आरे को एक जंगल के रूप में मान्यता देने से इनकार कर दिया, जिससे अधिकारियों को मुंबई मेट्रो के लिए एक शेड के निर्माण के लिए पेड़ों को काटने की अनुमति मिल गई. यह निर्णय उन कार्यकर्ताओं के लिए एक झटका था जो 2,700 पेड़ों की प्रस्तावित कटाई का विरोध कर रहे थे और उन्होंने मेट्रो 3 परियोजना के डिपो के स्थानांतरण की मांग की थी.

1,287 हेक्टेयर और संजय गांधी राष्ट्रीय उद्यान से सटे आरे कॉलोनी को मुंबई महानगर के लिए फेफड़े के रूप में जाना जाता है. कई बॉलीवुड हस्तियों और राजनेताओं ने भी आरे में पेड़ों की कटाई के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे कार्यकर्ताओं को अपना समर्थन दिया था. 20 सितंबर को, महाराष्ट्र सरकार ने अदालत से कहा था कि आरे को सिर्फ हरियाली के कारण जंगल घोषित नहीं किया जा सकता है. मुंबई मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड ने अदालत में तर्क दिया था कि यह परियोजना शहर के लिए सबसे महत्वपूर्ण थी. एमएमआरसीएल के वकील आशुतोष कुंभकोनी ने कहा, स्थानीय उपनगरीय ट्रेनों में भीड़भाड़ के कारण हर दिन 10 लोगों की मौत हो जाती है. मेट्रो परियोजना से ट्रेनों का दबाव कम होगा.

Highlights

सोशल मीडिया पर दो गुटों में बंटे लोग, कुछ कर रहे समर्थन, कुछ विरोध

मुंबई में आरे फॉरेस्ट एरिया को बचाने के लिए चल रहा मुहिम दो गुटों में बंट गया है. कुछ लोग जहां देवेंद्र सरकार और बीएमसी की आलोचना कर रहे हैं, वहीं कुछ लोग इसमें पर्यावरण मंत्रालय और नरेंद्र मोदी सरकार के साथ ही  महाराष्ट्र की देवेंद्र फडणवीस सरकार को शामिल कर उनके फैसले को सही बता रहे हैं. फिल्म क्रिटिक और ऐक्टर कमाल आर खान ने कहा है कि नरेंद्र मोदी सरकार का मंत्रालय कोई भी गलत फैसला नहीं ले सकती, इसलिए हमें समर्थन करना चाहिए.

आरे फॉरेस्ट और अपनी सांस को बचाने घरों से निकले मुंबईकर, कहा- जीने के लिए इतना को करना ही पड़ेगा

मुंबई के आरे फॉरेस्ट एरिया को बचाने के लिए लोग अपने घरों से निकलकर सड़कों पर आ गए हैं. आरे के पेड़ों को बचाने के लिए सड़क से सोशल मीडिया और राजनीतिक हलकों तक आंदोलन का दौर चल पड़ा है और सबका यही कहना है कि जीने के लिए इतना तो करना ही पड़ेगा. वहीं कुछ लोग ऐसे भी हैं जो विकास को प्रकृति से ज्यादा तरजीह देते हुए बीएमसी, महाराष्ट्र सरकार और वन एवं पर्यावरण मंत्रालय के फैसले को उचित बता रहे हैं.

शिवसेना नेता आदित्य ठाकरे ने ट्विटर पर प्रदर्शनकारियों की गिरफ्तारी की निंदा की

शिवसेना नेता आदित्य ठाकरे ने ट्विटर पर प्रदर्शनकारियों की गिरफ्तारी की निंदा की. उन्होंने कहा कि अगर ऐसा किया गया तो भारत संयुक्त राष्ट्र में पाखंडी हो जाएग. उन्होंने कहा, इन प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार नहीं किया जा सकता है और उनके साथ मामले दर्ज नहीं किए जा सकते हैं. अगर हम ऐसा करते हैं तो यह शर्म की बात है. मैं महाराष्ट्र मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से अनुरोध करता हूं इस पर गौर करें और पुलिस से पर्यावरण के प्रति प्रेम रखने वाले लोगों के लिए कोई मामला नहीं रखने के लिए कहें. अगर हम ऐसा करते हैं तो हम बाद में संयुक्त राष्ट्र में पाखंडी होंगे.

वरुण धवन भी हैं नाराज

वरुण धवन ने जताया दुख. उन्होंने कहा, यह दिल दहला देने वाली खबर है. पेड़ों की कटाई को रोकने के लिए इस तरह की नाराजगी के बाद भी मुंबई को अनुमति क्यों दी जा रही है. सत्ता में बैठे लोगों को यह एहसास नहीं कि नारिक आरे को काटने नहीं देना चाहते. वरुण धवन ने एक जवाब एक ट्विटर यूजर को दिया जिन्होंने कहा कि पहले भी फिल्म सिटी बनाने के लिए पेड़ काटे गए हैं. उन्होंने कहा, यह निश्चित रूप से गलत है लेकिन पहले जो गलत किया गया है उसे दोहराने की जरूरत नहीं है. ये कोई आरोप लगाने का समय नहीं है. अभी वो करें जो सही है.

भड़की आलिया भट्ट

अभिनेत्री आलिया भट्ट ने आरे में पेड़ की कटाई की निंदा की और कहा, हमेशा विकास और संरक्षण के बीच संघर्ष हुआ है. हां, शहर को बढ़ती आबादी का समर्थन करने के लिए बुनियादी ढांचे का निर्माण करने की आवश्यकता है. लेकिन शहर को पेड़ और पार्क और हरियाली भी चाहिए. हमें प्रकृति की रक्षा करने की आवश्यकता है जैसे जीवन इस पर निर्भर करता है. क्योंकि यह करता है.

कांग्रेस नेता संजय निरुपम ने जताई नाराजगी

कांग्रेस नेता संजय निरुपम ने आरे में पेड़ काटे जाने पर नाराजगी जताई. उन्होंने कहा, यह दुखद और हास्यास्पद है. आरे में धारा 144 लगाकर सरकार पेड़ कटवा रही है. हाई कोर्ट का ऑर्डर कल आया और रातोंरात मेट्रोवाले पेड़ काटने लगे. ऐसी निष्ठुरता और जल्दीबाजी के क्या कारण हैं? एक्टिविस्ट सुप्रीम कोर्ट में अपील करना चाह रहे थे. उन्हें थोड़ा वक्त तो देते.

पेड़ों की कटाई पर प्रकाश जावड़ेकर बोले- ये प्रकृति का विकास!

आरे जंगलों की कटाई पर पर केंद्रीय पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा, बॉम्बे हाई कोर्ट ने फैसला सुनाया है कि यह जंगल नहीं है. जब पहले दिल्ली मेट्रो स्टेशन का निर्माण किया जाना था, 20-25 पेड़ काटे जाने थे, तब लोगों ने विरोध भी किया था, लेकिन प्रत्येक पेड़ को काटने के लिए, पांच पेड़ लगाए गए थे. उन्होंने कहा, दिल्ली में, 271 मेट्रो स्टेशन बनाए गए हैं और ट्री कवर भी बढ़े हैं. यह प्रकृति का विकास और संरक्षण है.

पेड़ से चिपके कार्यकर्ता

मुंबई में मरोल मरोसी रोड से आरे जंगल में प्रवेश करने पर एक कार्यकर्ता को एक पेड़ से चिपके हुए देखा गया. इलाके में मुंबई पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए धारा 144 लगाई है. कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में भी लिया गया है. शिवसेना नेता प्रियंका चतुर्वेदी को भी हिरासत में लिया गया था. उन्हें कुछ घंटों बाद छोड़ दिया गया.

Video: मुंबई के आरे में पेड़ों की कटाई जारी

वीडियो में देखें कि मुंबई के आरे में पेड़ों की कटाई के दौरान पेड़ कैसे गिर रहे हैं. मुंबई के आरे जंगल में पेड़ों की कटाई चल रही है. लोग इसके खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं. बॉम्बे कोर्ट ने इसके खिलाफ दायर याचिकाओं को पहले ही खारिजकर दिया था.

12 घंटे में विरोध प्रदर्शन कर रहे 29 लोग हिरासत में

मुंबई में आरे जंगल पर विरोध प्रदर्शन के दौरान सार्वजनिक आदेश में गड़बड़ी करने और सरकार के अधिकारियों को उनके कर्तव्यों को पूरा करने में बाधा डालने के लिए भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत कल रात 11 बजे के बाद से कुल 29 लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार किया. शिवसेना नेता प्रियंका चतुर्वेदी को भी विरोध प्रदर्शन करने के लिए हिरासत में लिया गया था. बाद में उन्हें छोड़ दिया गया.

बीजेपी मुंबई के प्रवक्ता सुरेश नखुआ ने दीया मिर्जा के सवाल के जवाब में कहा,

बीजेपी मुंबई के प्रवक्ता सुरेश नखुआ ने मुंबई में आरे कॉलोनी में पेड़ों की कटाई पर दीया मिर्जा के ट्वीट के जवाब में कहा, नहीं, यह अवैध नहीं है. माननीय हाई कोर्ट HC ने कथित निहित स्वार्थों और प्रकृति प्रेमियों के रूप में कथित रूप से धर्मांतरण माफिया द्वारा दायर सभी याचिकाओं को खारिज कर दिया है. वैसे जब फिल्म सिटी और रॉयल पाल्म आरे में बने थे तो आप कहां थी?

कांग्रेस प्रवक्ता संजय झा ने शिवसेना और बीजेपी पर साधा निशाना

कांग्रेस प्रवक्ता संजय झा ने शिवसेना और बीजेपी पर निशाना साधते हुए आदित्य ठाकरे को कहा कि , शिवसेना और भाजपा ने बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) चलाया और इसलिए शिवसेना द्वारा आरे में पेड़ की कटाई की निंदा मगरमच्छ के आंसू हैं. उन्होंने आरे में पेड़ों की कटाई और प्रदर्शनकारियों की बाद में गिरफ्तारी पर कहा, प्रिय भारतवासियों यह मुंबई में आरे जंगल में लगभग 2000 पेड़ नहीं है. आप जहां भी हैं, यह आपके बारे में है. यह भाजपा है. उन्होंने आधी रात को पेड़ों को नष्ट कर दिया और प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार कर लिया. क्या आपने अपने जीवन में डर के लिए वोट दिया? सोचो!!

आरे कॉलोनी में लोगों, पर्यटकों के जाने पर प्रतिबंध

सैकड़ों कार्यकर्ताओं द्वारा इलाके में पेड़ों की कटाई को रोकने की कोशिश के बाद शनिवार सुबह मुंबई पुलिस ने आरे कॉलोनी में प्रवेश बंद कर दिया. एक कार्यकर्ता ने कहा, इलाके में भारी पुलिस की तैनाती है. किसी को भी आरे कॉलोनी में प्रवेश करने की अनुमति नहीं है. यहां तक कि पर्यटकों को भी रोका जा रहा है. विरोध प्रदर्शन के कारण क्षेत्र में आईपीसी की धारा 144 लागू होने के बाद मुंबई के आरे के पास मरोल मरोसी रोड पर पुलिस ने लोगों को रोक दिया.

पर्यावरण कार्यकर्ता स्टालिन डी ने जताया खेद

पर्यावरण कार्यकर्ता स्टालिन डी का कहना है कि मुंबई मेट्रो के अधिकारी नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल में मामले की सुनवाई पूरी होने से पहले आरे में हरे पैच को साफ करना चाहते हैं. उन्होंने कहा, इस मामले की सुनवाई एनजीटी द्वारा 10 अक्टूबर को होने जा रही है, और हम उम्मीद करते हैं कि वहां से कुछ राहत मिलेगी. उन्होंने कहा, लेकिन ऐसा लगता है कि अधिकारी सुनवाई से पहले पूरी तरह से हरे पैच को खत्म करना चाहते हैं.

फिल्म निर्माता ओनीर ने कहा, आरे जंगल, हम असफल रहे

फिल्म निर्माता ओनीर ने दुख जताते हुए कहा, अंधेरे के आवरण में कुल्हाड़ी हमारे पेड़ों पर गिरती है. आरआईपी आरे जंगल. हम असफल रहे. मेरा दिल यह जान कर टूट जाता है कि सुबह तक कई गर्वित खड़े पेड़ मानव लालच में पड़े होंगे.

Video: अरे में पेड़ काटने के विरोध में प्रदर्शन के लिए शिवसेना नेता प्रियंका चतुर्वेदी हिरासत में

मुंबई में शिवसेना नेता प्रियंका चतुर्वेदी को आज आरे जंगल में विरोध प्रदर्शन के बाद पुलिस ने हिरासत में लिया. लगभग 200 कार्यकर्ताओं को भी विरोध करने पर हिरासत में लिया गया. पुलिस ने इलाके में धारा 144 लगाई है. आरे जाने वाली सड़कों को बंद कर दिया गया है.

आम आदमी पार्टी की प्रीति शर्मा मेनन ने जताया विरोध

आम आदमी पार्टी की प्रीति शर्मा मेनन ने विरोध जताते हुए कहा, जागो मुंबई !!! उठो! वे घंटों से पेड़ काट रहे हैं. मुंबई पुलिस ने आरे जंगल सीज किया है. 3 प्रवेश द्वार मौरोल, पावई और हाईवे पर ट्रैफिक रोक दिया गया है. कम से कम इन जगहों पर इकट्ठा हों और उन्हें बताएं कि जब जरूरी हैं तो आप खड़े होते हैं.

Video: शिवसेना नेता प्रियंका चतुर्वेदी हिरासत में

शिवसेना नेता प्रियंका चतुर्वेदी को आज आरे जंगल में विरोध प्रदर्शन के बाद हिरासत में लिया गया. बीएमसी अधिकारियों ने शुक्रवार देर रात आरे जंगल में पेड़ काटने शुरु कर दिए जिसके बाद विरोध प्रदर्शन किया गया.

मुंबई कांग्रेस ने लगाए मुंबई मेट्रो अधिकारियों पर आरोप

मुंबई कांग्रेस ने मुंबई मेट्रो अधिकारियों पर आरोप लगाए हैं. उन्होंने कहा, आरे में पेड़ों को काटने के लिए अधिकारियों द्वारा दिखाई गई जल्दबाजी नागरिकों के अधिकारों और मांगों के स्पष्ट उल्लंघन में है. देवेंद्र फडणवीस सरकार अपने मुंबई-विरोधी कार्यों को छिपाने के लिए रात के अंधेरे की शरण नहीं ले सकती है.

अभिनेत्री दीया मिर्जा ने जताई नाराजगी

अभिनेत्री दीया मिर्जा ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा, अनुमति मिलने के बाद 15 दिनों की प्रतीक्षा अवधि माना जाता है और आधिकारिक वेबसाइट पर नोटिस अपलोड किया गया है. लेकिन यहां कोई इंतजार नहीं हो रहा है. हमारे पेड़ों को काट दिया जा रहा है और नागरिक सख्त तरीके से इसे रोकने की गुहार लगा रहे हैं.

देवेंद्र फडणवीस सरकार पर भड़के शिवसेना के आदित्य ठाकरे

शिवसेना नेता आदित्य ठाकरे ने नाराजगी जाहिर की है. उन्होंने सोशल मिया पर ट्वीट करके आरे जंगल में पेड़ काटे जाने पर गुस्सा जताया. आदित्य ठाकरे ने कहा, ये गुस्सा पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में जाकर दिखाना चाहिए, पेड़ नहीं आतंकी कैंप को नष्ट करना चाहिए.

शिवसेना के संजय राउत ने किया आरे का समर्थन

आगामी विधानसभा चुनावों के लिए सत्तारूढ़ भाजपा के साथ गठबंधन कर रहे शिवसेना के नेता संजय राउत ने शुक्रवार को बॉम्बे उच्च न्यायालय की निंदा करते हुए ट्विटर पर एक कार्टून पोस्ट किया. इस पोस्ट में दिख रहा है कि कैसे कोर्ट को अंधा (गलत ना देखने वाला) बताया जा रहा है.

फरहान अख्तर ने की पेड़ काटने की निंदा

अभिनेता फरहान अख्तर रात ने देर रात आरे कॉलोनी में पेड़ों को काटने के कदम की निंदा की. उन्होंने कहा, रात में पेड़ों को काटना एक दयनीय प्रयास है और वो इससे बचना चाह रहे हैं. यहां तक कि ऐसा करने वाले भी गलत जानते हैं कि ये गलत है.

कांग्रेस नेता प्रिया दत्त ने कहा, भगवान मुंबई की मदद करें

कांग्रेस नेता प्रिया दत्त ने कहा, एक दुखद दिन आज जहां तथाकथित विकास जीवन की गुणवत्ता और पर्यावरण के संरक्षण पर जीतता है. रात के अंधेरे में पेड़ों को काट दिया जा रहा है. यह मातृ प्रकृति की हत्या है और हम सभी को इसके लिए भुगतान करना होगा. भगवान मुंबई की मदद करें.

विभिन्न हस्तियों, राजनेताओं और कार्यकर्ताओं ने दी प्रतिक्रिया

विभिन्न हस्तियों, राजनेताओं और कार्यकर्ताओं ने आरे विरोध प्रदर्शन के घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया दी. गुजरात के विधायक जिग्नेश मेवाणी का कहना है कि पुलिस ने लाठीचार्ज का सहारा लिया. उन्होंने कहा, आरे के शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन के लिए लाठीचार्ज किया गया. लोगों को हिरासत में लिया गया है, गेट बंद कर दिए गए हैं और अधिकारी प्रदर्शनकारियों को गाली दे रहे हैं. महिलाओं को पुलिस ने देर रात धकेल दिया और हिरासत में लिया, जो कानूनन गलत है.

प्रदर्शन कर रहे 200 लोग हिरासत में

मुंबई के आरे में पेड़ों की कटाई का विरोध करने वाले 200 लोगों को भारतीय दंड संहिता की धारा 353 के तहत गिरफ्तार किया गया है. ये किसी लोक सेवक को अपने काम को करने में रोकने के खिलाफ गिरफ्तार किया गया था. जिस क्षेत्र में मेट्रो को निर्माण कार्य करना था, उस क्षेत्र में आईपीसी की धारा 144 भी लगाई गई है. प्रदर्शनकारियों को उस स्थल तक पहुंचने से रोकने के लिए क्षेत्र की ओर जाने वाली कई सड़कों को बंद कर दिया गया है जहां पेड़ों को साफ किया जा रहा है.

आरे में प्रवेश प्रतिबंधित

इलाके में धारा 144 लागू होने के बाद मरोल मरोसी रोड से आरे में प्रवेश प्रतिबंधित कर दिया गया है. बॉम्बे हाई कोर्ट ने अपने फैसले में कहा था कि इस विवाद में कोई योग्यता नहीं है कि जनता से प्राप्त एक लाख आपत्तियां पेड़ प्राधिकरण के सामने नहीं रखी गई थीं. रिपोर्ट में आपत्तियों और परियोजना प्रस्तावक की प्रतिक्रिया का सारांश दिया गया है. निश्चित रूप से, एक लाख दावे, सबसे जिसमें से पुनरावृत्ति की उम्मीद नहीं की गई थी उसे पेड़ प्राधिकरण के सामने रखा जाएगा.

आरे के पास लगी धारा 144

मुंबई पुलिस पीआरओ ने आरे जंगल में मेट्रो-रेल परियोजना स्थल के पास के क्षेत्र में सीआरपीसी की धारा 144 के तहत प्रतिबंध के आदेश दे दिए हैं. बॉम्बे हाईकोर्ट के आदेश से पहले पेड़ों की कटाई के खिलाफ कल रात आरे जंगल पर विरोध प्रदर्शन किया गया.

Video: आरे में पेड़ों की कटाई रोकने के लिए तड़के लोगों ने किया विरोध प्रदर्शन

शुक्रवार देर रात, शनिवार तड़के पेड़ों की कटाई के विरोध में लोग आरे जंगल के पास इकट्ठा हुए. बाद में उन्हें पुलिस ने मौके से हटा दिया. बॉम्बे हाई कोर्ट ने बीएमसी के फैसले के खिलाफ सभी याचिकाओं को खारिज कर दिया है, जिसमें मेट्रो कार शेड के लिए 2700 से अधिक पेड़ों की कटाई की अनुमति थी.

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