चंडीगढ़. पंजाब के पूर्व गृह मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया से मानहानि मामले में दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल के द्वारा माफी मांगने के बाद आम आदमी पार्टी में कलह थमने का नाम नहीं ले रही है. रविवार को आम आदमी पार्टी में गहराते संकट पर दिल्ली में डिप्टी सीएम मनीष सिसौदिया के घर पंजाब आम आदमी पार्टी के विधायकों की बैठक होने वाली थी. लेकिन पंजाब के 14 आप विधायकों ने इस बैठक में हिस्सा लेने से ही इंकार कर दिया.

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसौदिया ने पंजाब आम आदमी पार्टी के सभी 20 विधायकों को सूचित किया था कि सभी विधायक दिल्ली पहुंचे. और पार्टी संयोजक अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व में रविवार शाम 5 बजे होने वाली बैठक में शामिल हों. लेकिन पत्रकार से राजनेता फिर विधायक बने विपक्ष के नेता सुखपाल खैरा ने इस बैठक में आने से मना कर दिया है.

खैरा ने अरविंद केजरीवाल को लिखी एक पत्र में स्पष्ट कर दिया कि वे बैठक में शामिल नहीं होंगे. अगर पार्टी आलाकमान को उनसे बात करनी है, तो केंद्रीय नेतृत्व को चंडीगढ़ आना होगा. अपने पत्र में कंवर संधू ने केजरीवाल से कहा है कि पंजाब इकाई को एक क्षेत्रीय पार्टी के रूप में कार्य करने दें. उन्होंने केजरीवाल को यह भी स्पष्ट कर दिया है कि पंजाब यूनिट, राज्य के मामलों में केंद्रीय नेतृत्व द्वारा अनावश्यक हस्तक्षेप की अनुमति नहीं स्वीकार करेगा.

संधू ने केजरीवाल को लिखा कि यह फार्मूला संकट को समाप्त करने में मदद करेगा और पंजाब में पार्टी को बचाने का अंतिम उपाय है. उन्होंने सुझाव दिया है कि पार्टी नेताओं भगवंत मान और सुखपाल सिंह खैरा राज्य इकाई की देखभाल करेंगे.

पंजाब आम आदमी पार्टी के विधायकों से मिलेंगे अरविंद केजरीवाल, रविवार को दिल्ली में सीएम के घर होगी मुलाकात

केजरीवाल के माफीनामे से नाराज भगवंत मान के बाद पंजाब के AAP उपाध्यक्ष अमन अरोड़ा ने दिया इस्तीफा

देश और दुनिया की ताजातरीन खबरों के लिए हमे फॉलो करें फेसबुक,गूगल प्लस, ट्विटर पर और डाउनलोड करें Inkhabar Android Hindi News App