नई दिल्ली. केंद्र सरकार असहिष्णुता के मुद्दें को लेकर संसद में बहस  के लिए राजी हो गई है.  केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री वेंकैया नायडू ने सर्वदलीय बैठक के बाद संवाददाताओं से कहा, “कुछ घटनाएं घटी हैं. हालांकि कानून-व्यवस्था राज्यों का मामला है, फिर भी यदि लोग असहिष्णुता पर चर्चा करना चाहते हैं, तो हम इसके लिए तैयार हैं.”
 
नायडू ने कहा कि वे सभी 42 पार्टियों के प्रतिनिधियों की प्रतिक्रिया से खुश हैं, जिन्होंने बैठक में हिस्सा लिया. उन्होंने कहा, “इस बात की जानकारी देते हुए मुझे खुशी हो रही है कि संसद का शीतकालीन सत्र फलदायी होगा.”
 
नायडु ने कहा कि सरकार किसी भी मुद्दे पर किसी भी सुझाव को स्वीकार करने के लिए तैयार है, जिसपर विपक्ष चर्चा करना चाहता है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी पार्टियों से अनुरोध किया है कि वे सदन की कार्यवाही सुचारू चलने दें.
 
नायडु ने कहा, “विपक्षी पार्टियों का रुख बेहद सकारात्मक है.” सरकार वस्तु एवं सेवा कर अधिनियम, असहिष्णुता व दलितों पर अत्याचार जैसे मुद्दों पर चर्चा करने व सुझाव लेने के लिए तैयार है.”
 
IANS

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