नई दिल्ली. बुजुर्गों की सुरक्षा का दावा करने वाली दिल्ली पुलिस पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं. दिल्ली के पॉश इलाके में रहने वाले मदान दंपति की बीती रात अज्ञात हमलावरों ने हत्या कर दी. लूट के इरादे से घर का दरवाजा तोड़कर अंदर घुसे हमालावरों ने पहले घर में लूट करने की कोशिश की फिर बुजुर्ग दम्पति की गला घोंटकर हत्या कर दी. 
 
ईस्ट ऑफ कैलाश के मकान नंबर 186 में मनोहर लाल मदान (86) अपनी पत्नी विमला मदान (80) और अपने बेटों के साथ रहते थे. बीती रात अज्ञात हमलावरों ने आकर इन दोनों की हत्या कर दी. परिजनों के मुताबिक, घर का समान पूरी तरह बिखरा हुआ है. सारी अलमारियों को तोड़ा गया और बुजुर्ग दम्पति को उनके बेडरूम से दूसरे बेडरूम में ले जाकर हत्या कर दी.
 
मनोहर लाल मदान पंजाब नेशनल बैंक से रिटायर्ड हैं और इस मकान के ग्राउंड फ्लोर पर अपनी पत्नी विमला के साथ रहते थे. जिस वक्त इस बुजुर्ग दम्पति की हत्या हुई उस वक्त घर में उनकी पत्नी के अलावा घर के पहले माले पर छोटा बेटा संजय मदान अपनी बेटी के साथ, घर के दूसरे माले पर बड़ा बेटा अश्विनी मदान मौजूद थे. हमालवरों ने ग्राउंड फ्लोर पर घटना को अंजाम देने के बाद पहले फ्लोर पर जाने की कोशिश की तभी वहां मौजूद संजय मदान को कुछ शक हुआ और उन्होंने शोर मचा दिया, जिसे सुनकर हमलावर फरार हो गए.
 
पुलिस के मुताबिक, शुरुआती जांच मे पता लगा है कि घर में एंट्री फोर्सफुली हुई है. घर का समान बिखरा हुआ है. हो सकता है लूट के इरादे से हमलावार घर में घुसे हों. अभी पूरी घटना की जांच की जा रही है. इस घटना से साफ जाहिर है कि दिल्ली में सीनियर सीटीजन सुरक्षित नहीं हैं और इस घटना ने उन तमाम वादों और योजना पर सवाल खड़े कर दिए हैं, जो दिल्ली पुलिस बुजुर्गों की सुरक्षा के मद्देनजर करती है.

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