नई दिल्ली. केंद्र सरकार ने मंगलवार को 15 प्रमुख क्षेत्रों में फॉरेन डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट(एफडीआई) नियमों में ढील की घोषणा कर दी है. इसके तहत एफआईपीबी की मंजूरी की सीमा 3,000 करोड़ रुपए से बढ़ाकर 5,000 करोड़ रुपए की गई है, वहीं रीजनल एयर सर्विस में विदेशी निवेश की सीमा को 49 फीसदी तक कर दिया गया है.
 
वित्त मंत्री अरुण जेटली ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, ‘सरकार की प्राथमिकता देश में व्यापार को आसान बनाना है. नई योजनाओं के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर जरूरी है, एफडीआई इसमें मदद करेगा. इस साल के एक्सपेंडिचर में कोई कटौती नहीं की जाएगी. निर्माण क्षेत्र में हुआ सुधार काफी अहम है, उम्मीद है यह सेक्टर काफी तेजी से आगे बढ़ेगा.’
 
इन क्षेत्रों में मिली ढील
सरकार ने डिफेंस, ब्रॉडकास्टिंग, प्राइवेट बैंकिंग, एग्रीकल्चर, प्लांटेशन, माइनिंग, सिविल एविएशन, कंस्ट्रक्शन डवलपमेंट, सिंगल ब्रांड रिटेल, कैश एंड कैरी होलसेल और मैन्युफैक्चरिंग समेत 15 सेक्टरों में विदेशी निवेश की सीमा बढ़ाई है. सरकार ने ड्यूटी फ्री शॉपिंग पर एफडीआई के नियमों में भी ढील दी है. इसके साथ ही कंस्ट्रक्शन सेक्टर में पांच साल के भीतर एफडीआई लाने की शर्त को हटा लिया है. अब इस क्षेत्र में पांच साल बाद भी एफडीआई लाना मुमकिन होगा.
 
NRI निवेश पर भी ध्यान
सरकार ने एनआरआई निवेश में भी एफडीआई नियम आसान कर दिए हैं. डिफेंस सेक्टर में ऑटोमैटिक रूट के जरिए 49 फीसदी के एफडीआई निवेश की छूट का ऐलान किया गया है. ब्रॉडकास्टिंग सेक्टर के तहत गैर-खबरिया चैनल में ऑटोमैटिक रूट के जरिए 100 फीसदी एफडीआई निवेश की छूट का ऐलान किया गया है, वहीं ब्रॉडकास्ट सेक्टर में एफआईपीबी के जरिए 49 फीसदी एफडीआई निवेशक की छूट का ऐलान किया गया है. रबर और कॉफी सेक्टर में 100 फीसदी एफडीआई निवेश की छूट का ऐलान हुआ है, वहीं सभी एफडीआई नियमों की एक किताब भी बनेगी. 
 

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