नई दिल्ली. दिल्ली हाईकोर्ट ने शुक्रवार को दिल्ली में गोहत्या पर रोक लगाने और गोमांस की बिक्री पर रोक लगाने के लिए कानून बनाने की मांग करने वाली जनहित याचिका खारिज कर दी है. मुख्य न्यायाधीश जी.रोहिणी और न्यायमूर्ति जयंतनाथ की खंडपीठ ने याचिका को ‘गलत समझ’ पर आधारित बताते हुए खारिज कर दिया.
 
पीठ ने कहा कि दिल्ली सरकार ने बताया है कि इस सिलसिले में पहले से ही दिल्ली कृषि पशुधन संरक्षण कानून 1994 मौजूद है. इस कानून के तहत पहले से ही इस तरह के कामों की मनाही है. जनहित याचिका स्वामी सत्यानंद चक्रधारी ने दायर की थी.
 
दिल्ली सरकार के वकील ने कहा है कि दिल्ली सरकार के पास पहले से ही दिल्ली कृषि पशुधन संरक्षण कानून है. इसमें कृषि पशुधन की हत्या की मनाही है. इसमें सभी कुछ समाहित है. पहले से ही गोशालाएं मौजूद हैं. पांच गोशालाएं हैं जिनमें 23,000 गायें रह सकती हैं. अभी इनमें 10,000 रह रही हैं. निजी गोशालाएं भी हैं.
 
याचिका में कहा गया था कि दिल्ली सरकार जम्मू एवं कश्मीर के रणबीर पैनल कोड जैसा कानून बनाए, जिसमें गाय या ऐसे ही अन्य पशुओं की हत्या पर 10 साल तक कैद की सजा का प्रावधान है. इसके अलावा गोमांस के आयात-निर्यात और राष्ट्रीय राजधानी में इससे बनी चीजों की बिक्री पर रोक लगाई जाए.

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