नई दिल्ली. देश में बढ़ रही असहिष्णुता पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत ने कहा है कि विविधता में एकता भारत की ताकत है और ‘दूसरों की तरह इसे परेशानी के तौर पर लेने के बजाय हम इसे एक उत्सव का मुद्दा समझते हैं.’  कुछ तुच्छ मानसिकता वाले लोग समाज को भाषा, रंग या पंथ के आधार पर बांट देते हैं. 
 
इसके अलावा उन्होंने कहा कि मुक्त विचारों वाले लोग पूरी दुनिया को अपना परिवार समझते हैं. भागवत ने ये सभी बातें गुरूवार को चिन्मय मिशन के स्वामी चिन्मयानंद की जन्मशती पर सिरी फोर्ट में आयोजित ‘नेशनल बिल्डिंग थ्रू इंटर-फेथ हारमनी इन द स्प्रिट ऑफ वसुधव कुटुम्बकम्’ विषय पर आयोजित एक व्याख्यान के दौरान कहीं.

देश और दुनिया की ताजातरीन खबरों के लिए हमे फॉलो करें फेसबुक,गूगल प्लस, ट्विटर पर और डाउनलोड करें Inkhabar Android Hindi News App