मुंबई. देश में खराब माहौल का हवाला देकर नेशनल फिल्म अवार्ड लौटा रहे फिल्मकारों के विरोध में प्रसिद्ध फिल्मकार श्याम बेनेगल उतर आए हैं. उन्होंने कहा कि ना तो अवार्ड लौटाना विरोध करने का तरीका है और न ही इससे समस्या का कोई हल निकाला जा सकता है.
 
वित्त मंत्री अरुण जेटली पहले ही अवार्ड लौटा रहे साहित्यकारों और फिल्मकारों को कट्टर बीजेपी विरोधी बता चुके हैं. गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने अवार्ड वापसी अभियान को सरकार के खिलाफ राजनीतिक षडयंत्र बताते हुए इसे देश का अपमान करार दिया था.
 
श्याम बेनेगल से पहले जाने-माने अभिनेता अनुपम खेर और फिल्म निर्देशक मधुर भंडारकर ने भी फिल्मकारों द्वारा अवार्ड लौटाने पर नाराजगी जाहिर की थी. 
 
FTII विवाद: दिबाकर-आनंद समेत 12 ने नेशनल फिल्म अवार्ड लौटाया
 
बेनेगल ने कहा कि नेशनल अवार्ड लौटाकर किसी समस्या का हल नहीं निकाला जा सकता और न ही ये विरोध करने का तरीका है. बेनेगल को दादा साहब फाल्के पुरस्कार के अलावा सात फिल्मों के लिए नेशनल अवार्ड मिल चुका है.
 
निर्देशक मधुर भंडारकर ने भी ट्वीट के जरिए पुरस्कार लौटाने का विरोध करते हुए लिखा था, “मेरा मानना है कि नेशनल अवार्ड वापस करना अपने साथ दूसरे एक्टर्स, ऑडियंस, जूरी मेंबर्स और प्रेसीडेंट का अपमान है.”
 
देश में बढ़ती असहिष्णुता के विरोध में करीब 40 साहित्यकारों  ने अवार्ड लौटाए हैं और बीते बुधवार को फिल्मकार दिबाकर बनर्जी, आनंद पटबर्धन समेत 12 फिल्मकारों ने नेशनल फिल्म अवार्ड लौटाने की घोषणा की थी.

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