नई दिल्ली. बांग्लादेश से भारत में आकर बसे प्रवासियों और भारत-बांग्लादेश बॉर्डर से जुड़े मुद्दों पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित उपमन्यु हजारीका समिति ने अपनी रिपोर्ट में चौंकाने वाले खुलासे किए हैं.  सीनियर एडवोकेट हजारिका ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि अगर बांग्लादेश की तरफ से घुसपैठ ऐसे ही जारी रही तो 2047 तक असम में भारतीय अल्पसंख्यक हो जाएंगे. 
 
हजारिका समिति ने अपनी 53 पेज की रिपोर्ट में भारत-बांग्लादेश बॉर्डर से जुड़े मुद्दों पर एक हाई लेवल की समिति गठित कर जांच करने की मांग भी की है. रिपोर्ट में कहा गया है कि दोनों देशों की सीमा पर जो जानवरों की बिक्री के लिए हाट बाज़ार हैं उन्हें 20 किलोमीटर दूर शिफ्ट कर देना चाहिए और साथ ही बॉर्डर पुलिस को अतिरिक्त सतर्कता बरतने के आदेश भी जारी करने चाहिए. 
 
सुप्रीम कोर्ट ने असम सरकर को आदेश दिया है कि वह चार सप्ताह में रिपोर्ट की अनुशंसाओं पर अपना जवाब दाखिल करे. रिपोर्ट में बॉर्डर इलाके के लोगों को प्रमाण पत्र जारी करने और संपत्ति हस्तांतरण में जनजातियों की ही तरह गैर जनजातियों के लिए कानून बनाने की सलाह दी गयी है. 

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