नई दिल्ली. काफी समय से केंद्र सरकार अपने कर्मचारियों की तंख्वाह बढ़ाने की कोशिश में जुटी है. लेकिन इन दिनों 5 राज्यों में चुनाव को लेकर सरकार सजग है. ऐसे में सरकार ने कर्मचारियों की सबसे बड़ी मांगों में से एक पर सहमति जता दी है. दरअसल कर्मचारी काफी समय से राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली पर आधारित नई पेंशन योजना (NPS) को पुरानी पेंशन योजना (OPS) से बदलने की मांग कर रहे थे. सरकार ने इस मांग को पूरा कर दिया. दिल्ली की विधानसभा में पारित किए गए प्रस्ताव के अनुसार 26 नवंबर 2018 को भारत सरकार से आग्रह किया गया कि नई पेंशन स्कीन को खत्म करके दिल्ली एनसीआर के सरकारी कर्मचारियों के लिए पुरानी स्कीम लागू कर दें.

बता दें कि पुरानी पेंशन योजना के उलट नई पेंशन स्कीम कर्मचारियों को इनवेस्टमेंट पर गारंटिड रिटर्न और न्यूनतम पेंशन की कोई स्कीम गारंटी नहीं देता है. दरअसल नई पेंशन योजना पारिवारिक पेंशन या सामाजिक सुरक्षा प्रदान नहीं करती है. इसके अलावा नई पेंशन स्कीम जरूरत पड़ने पर लोन की सुविधा नहीं देता है. न हीं वार्षिक वृद्धि और डीए पर वृद्धि प्रदान नहीं करता.

साथ ही एनपीएस कर्मचारियों को मेडिकल इमरजेंसी को पूरा करने के लिए अपने पेंशन फंड से पर्याप्त धन वापस लेने की इजाजत नहीं देता है. नई पेंशन स्कीम सरकारी कर्मचारियों को शेयर बाजारों के साथ ऐसी ताकतों की दया पर छोड़ देता है जो बाजार में छेड़खानी कर रहे हैं.

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