नई दिल्ली. 7th Pay Commission Budget 2019: बजट 2019-20 से केंद्रीय कर्मचारियों को काफी उम्मीदें थी कि सरकार उनके न्यूनतम वेतन को लेकर कोई बड़ा ऐलान करेगी, लेकिन न्यूनतम वेतन को लेकर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की तरफ से कोई ऐलान नहीं किया गया. शुक्रवार 5 जुलाई को बजट पेश होने से पहले संभावना जताई जा रही थी कि वित्त मंत्री केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों की मांगों को ध्यान में रखेंगी. सातवें वेतन आयोग ने मूल न्यूनतम वेतन में 18,000 रुपये की बढ़ोतरी की सिफारिश की थी. केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों की मांग थी कि फिटमेंट फैक्टर को बढ़ाया जाए और मूल न्यूनतम वेतन 26,000 रुपये तय किया जाए. हालांकि बजट में इनमें से किसी पर भी फैसला नहीं लिया गया.

केंद्रीय कर्मचारी कई बार अपने न्यूनतम वेतन में बढ़ोत्तरी को लेकर प्रदर्शन कर चुके हैं. केंद्रीय कर्मचारी 2019 लोकसभा चुनाव से पहले ही उम्मीद कर रहे थे कि सरकार उनके वेतन और भत्ते में बढ़ोत्तरी करेगा, लेकिन आचार संहिता लागू हो जाने की वजह से सरकार 7वें वेतनमान को लेकर कोई फैसला नहीं ले पाई. मौजूदा स्थिति को देखें तो केंद्रीय कर्मचारियों को न्यूनतम वेतन और भत्ते में बढ़ोत्तरी को लेकर अभी और इंतजार करना पड़ सकता है.

वेतन आयोग के अधिस्थ सूत्रों की मानें को वित्तमंत्री और वेतन आयोग की तरफ से वेतन और भत्ते को लेकर बंद कमरें में मीटिंग भी हुई, लेकिन इस पर अंतिम निर्णय नहीं लिया गया. आपको बता दें कि 7वें वेतनमान के तहत कई राज्य अपने कर्मचारियों के न्यूनतम वेतन में बढ़ोतरी भी कर चुके हैं, लेकिन केंद्रीय कर्मचारीयों के न्यूनतम वेतन में अभी तक बढ़ोतरी नहीं की गई है.

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2 responses to “7th Pay Commission Budget 2019: केंद्रीय कर्मचारियों को न्यूनतम वेतन और भत्ते में बढ़ोतरी के लिए करना होगा इंतजार, जानें बजट 2019 में सरकार ने क्या कहा”

  1. इस बजट मे गरीब आदमी को कोई खास प्रावधान नही है। किसानों को खाद बगैर पर छूट नही दी गई।फसल के रेट भी इतने कम है कि एक छोटा किसान अपनी लागत भी ने निकाल पाता है। सरकारी कर्मचारी का नयूनतम वेतन18000 के बजाय काम से कम 25000 रूपया होना चाहिए तभी वह रोजमर्रा की जरूरत पूरी कर सकता है

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