नई दिल्ली. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को संसद में नरेंद्र मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का पहला केंद्रीय बजट पेश किया. एक बड़े विकास में, अर्धसैनिक बल के जवानों को केंद्र सरकार से बड़ी राहत मिलेगी क्योंकि उनके वेतन में भारी बढ़ोतरी होने की संभावना है. खबरों के मुताबिक, पीएम नरेंध्र मोदी कैबिनेट ने बुधवार को एक प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है, जिसके मुताबिक केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) के अधिकारियों को संगठित कैडर का दर्जा दिया जाएगा. इस स्थिति के माध्यम से, वे विभिन्न प्रकार के लाभ प्राप्त करने के लिए पात्र होंगे, जिनमें गैर-कार्यात्मक वित्तीय उन्नयन (एनएफएफयू) शामिल हैं.

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, पीएम मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने सीएपीएफ समूह ए के ​​कार्यकारी कैडर अधिकारियों को संगठित समूह ए सेवा (ओजीएएस) की स्थिति की पेशकश को हरी झंडी दे दी है. उन्हें गैर-कार्यात्मक वित्तीय उन्नयन (एनएफएफयू) और गैर-कार्यात्मक चयन ग्रेड (एनएफएसजी) के विस्तार का लाभ भी मिलेगा. यह प्रस्ताव सर्वोच्च न्यायालय द्वारा सीएपीएफ अधिकारियों को वेतन वृद्धि प्रदान करने के लिए केंद्र को निर्देश देने के बाद आया है क्योंकि आईपीएस, आईएएस, आईआरएस और आईएफएस अधिकारी पहले से ही ये मूल्यांकन प्राप्त करने के लिए कतार में हैं.

एनएफएफयू गैर-पदोन्नति (रिक्ति की कमी के कारण) के मामले में वेतन वृद्धि पाने के लिए अधिकारियों को योग्य बनाता है. अगर रिपोर्टों पर विश्वास किया जाए, तो सेंट्रे के फैसले के कारण, वे अधिकारी जो सीआरपीएफ, बीएसएफ, सीआईएसएफ, आईटीबीपी और एसएसबी से 2006 के बाद सेवानिवृत्त हुए हैं, जो सीएपीएफ या अर्धसैनिक बलों के तहत आते हैं, वे लाभान्वित होंगे. जैसा कि वे अधिकारी केंद्र की स्टाफिंग स्कीम के तहत आएंगे, यह भी कहा जाता है कि इन अधिकारियों की नियुक्तियों की बेहतर संभावना होगी और उन्हें परिवहन, मकान किराया, यात्रा और महंगाई भत्ता भी मिलेगा. इसके अलावा नरेंद्र मोदी सरकार अपने पिछले कार्यकाल में अर्धसैनिकों की पेंशन में भी बदलाव कर चुकी है.

7th Pay Commission: केवीएस टीजीटी, पीजीटी और पीआरटी टीचर का रिजल्ट हुआ जारी, जानें 7वें वेतन के तहत कितनी मिलेगी सैलरी

7th Pay Commission, 7th CPC Latest News Today: इन विभाग के सरकारी कर्मचारियों ने की सातवें वेतन आयोग को लागू करने की मांग

Leave a Reply

Your email address will not be published.

देश और दुनिया की ताजातरीन खबरों के लिए हमे फॉलो करें फेसबुक,गूगल प्लस, ट्विटर पर और डाउनलोड करें Inkhabar Android Hindi News App