नई दिल्‍ली. शराब पीनी है, नहीं पीनी है ये व्यक्तिगत मामला होता है. कोई 21 साल की उम्र में नहीं पीएगा, 24 साल की उम्र में नहीं पीएगा, सरकार को इतना ज़्यादा लोगों की ज़िंदगी में दखल नहीं देना चाहिए. ये कहना है दिल्ली के उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया का. सिसोदिया ने कहा है कि लोगों को शिक्षा देकर समझदार बनाना सरकार का काम है. 
 
इससे पहले दिल्ली के पर्यटन मंत्री कपिल मिश्रा ने कल कहा था कि दिल्ली सरकार राज्य में शराब पीने के लिए न्यूनतम क़ानूनी उम्र 25 से घटाकर 21 साल करने पर विचार कर सकती है. कपिल मिश्रा ने नेशनल रेस्तरां एसोसिएशन ऑफ़ इंडिया की सालाना बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार राज्य में पर्यटन और रेस्तरां को बढ़ावा देने के लिए इस कदम पर विचार कर रही है.
 
मिश्रा ने कहा कि शराब पीने की न्यूनतम उम्र 25 काफी ज़्यादा है और इसे घटाना चाहिए. कपिल मिश्रा ने ये भी कहा कि कई पुराने क़ानून हैं जिन्हें बदलने की ज़रूरत है. वहीं, बीजेपी ने इसकी आलोचना की है. बीजेपी विधायक विजेंदर गुप्ता ने कहा कि दिल्ली सरकार लोगों को नौकरी तो दे नहीं पा रही है, उलटे शराब पीने के लिए प्रोत्साहित कर रही है.

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