नई दिल्ली.  केंद्र सरकार ने शनिवार को एक महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए कहा कि वह वन रैंक, वन पेंशन (ओआरओपी) को लागू करेगी. रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने कहा, ‘सरकार ने ओआरओपी को लागू करने का फैसला लिया है.’
 
रक्षामंत्री मनोहर पर्रिकर ने शनिवार को कहा कि सरकार ने वन रैंक वन पेंशन (ओआरओपी) योजना लागू करने का फैसला कर लिया है. पेंशन में प्रत्येक पांच वर्ष पर संशोधन किया जाएगा और योजना पहली जुलाई, 2014 से प्रभावी होगी. इस योजना के लागू होने से 25 लाख से अधिक पूर्वसैनिकों को लाभ मिलेगा. लेकिन पूर्वसैनिकों ने कहा है कि वे सरकार के इस फैसले से पूरी तरह संतुष्ट नहीं हैं. 
 
VRS लिए सैनिकों को सुविधा नहीं, जानिए क्या रहा खास?
  • जानिए, 40 साल बाद सैनिकों को क्या मिला वन रैंक वन पेंशन में?
  • पेंशन में प्रत्येक पांच वर्ष पर संशोधन किया जाएगा और योजना 1 जुलाई, 2014 से प्रभावी होगी. 
  • इस बहुप्रतिक्षित योजना की बकाया राशि का भुगतान चार छमाही किश्तों में किया जाएगा. इसकी पहली किश्त सैनिकों की विधवाओं को दी जाएगी.
  • ओआरओपी को कैलेंडर वर्ष 2013 के आधार पर तय किया जाएगा. समान रैंक और समान सेवाकाल वाले सभी पेंशनभोगी पूर्वसैनिकों के लिए 2013 के न्यूनतम और अधिकतम पेंशन के औसत के आधार पर फिर से पेंशन तय किया जाएगा.
  • स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (वीआरएस) लेने वाले पूर्वसैनिकों को ओआरओपी योजना की सुविधा नहीं मिलेगी. 
  • रक्षामंत्री ने कहा पिछली सरकार ने ओआरओपी के लिए 500 करोड़ रुपए अलग किए थे, लेकिन यह राशि गहन विश्लेषण पर आधारित नहीं थी. अब विशेषज्ञों ने इस योजना के लिए आठ से 10 हजार करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान लगाया है और कहा जा रहा है कि यह और भी बढ़ेगा. अकेले बकाए के भुगतान पर ही लगभग 10 हजार करोड़ से 12 हजार करोड़ रुपये खर्च होंगे. जो लोग औसत से अधिक पेंशन पा रहे हैं, उनकी हिफाजत की जाएगी. 
 
रक्षामंत्री मनोहर पर्रिकर की घोषणा के तुरंत बाद अभियान की अगुवाई कर रहे मेजर जनरल सतबीर सिंह ने जंतर मंतर पर मीडिया को संबोधित करते हुए कहा, ‘हम सरकार द्वारा ओआरओपी लागू करने का स्वागत करते हैं, लेकिन हम इससे संतुष्ट नहीं हैं. क्योंकि पूर्वसैनिकों की सभी  मांगें स्वीकार नहीं की गई हैं.’ वन रैंक, वन पेंशन की मांग को लेकर पूर्व सैन्यकर्मी जून से ही आंदोलनरत थे. दिल्ली के जंतर-मंतर पर कुछ पूर्व सैन्यकर्मियों ने अपनी मांगों को लेकर 17 अगस्त से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल भी शुरू की थी. आंदोलनरत पूर्व सैन्यकर्मियों के प्रतिनिधियों ने शनिवार को इस मुद्दे पर रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर से मुलाकात भी की थी.
 
IANS