गिरिडीह. झारखंड के गिरिडीह ज़िले में एक 58 वर्षीय महिला की कथित तौर पर भूख से मौत हो गई. झारखंड के इस गांव के सावित्री देवी की मौत पिछले तीन दिन से खाना न खाने की वजह से हुई. मृतक सावित्रि देवी का न तो राश्न कार्ड बना था न ही विधवा पेंशन. बता दें देशभर में खाद्य सुरक्षा अधिनियम लागू है जिसके तहत हर जरूरतमंद को अनाज उपल्बध करवाया जाता है.

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार गिरिडीह जिले के एक गांव में सावित्रि देवी का शव उसके घर से मिला. जहां वह भूख से तड़प-तड़प कर मर गई. बतौर मीडिया सावित्री देवी ने राश्न कार्ड के लिए कई बार एप्लाई किया व कई बार राशन मांगा लेकिन हर बार उसे कानून व नियम का हवाला देकर मना कर दिया जाता. सावित्रि के 2012 से पहले राशन कार्ड था लेकिन वह रद्द हो गया था. जिसे रिन्यू करवाने के लिए वह कई बार चक्कर काट-काट कर थक गई थी. लेकिन उसकी किसी ने सुनवाई नहीं की.

इस घटना पर गांव के मुखिया का कहना है कि सावित्री देवी का राशन कार्ड बनवाने के लिए ऑनलाइन अप्लाई कर दिया गया था लेकिन नियमों के चलते वह सत्यापित नहीं हो पाया था. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार मुखिया ने यह भी कहा कि अगर समय पर मृतक को उसका हक मिल गया होता तो उसकी मौत नहीं होती. गांव के मुखिया ने बताया कि सावित्रि की पेंशन 2014 में बनवाई थी जिसे मंजूरी भी मिल गई थी लेकिन सावित्री को पेंशन मिलना भी शुरू नहीं हुआ.

बता दें मृतक अपनी दो बहू और चार पोते-पोतियों के साथ गांव में रहती थीं. मृतक के छोटा बेटा उत्तर प्रदेश में किसी छोटी मोटी कंपनी में काम करते है, उन्होंने मीडिया को बताया कि उसकी सेलेरी बहुत कम है. वह बहुत मुश्किल से अपना जीवनयापन कर पाता है. वहीं मृतक की बहू ने बताया कि पिछले काफी समय से उनकी घर की हालत दयनीय चल रही है. घर की ये नौबत आ पड़ी है कि उन्हें मांग कर गुजारा करना पड़ रहा है.

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