नई दिल्ली. नोटबंदी को एक साल हो गया है. इस मौके पर बीजेपी ने इसे काला धन विरोधी दिवस मना रही है. इसे लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कई ट्वीट कर नोटबंदी के फायदे गिनाएं. साथ ही एक विडियो को शेयर किया जिसके जरिए नोटबंदी को ईमानदारी और गरीबों के हित में बताया. वीडियो में बताया गया नोटबंदी की वजह से 15.28 लाख करोड़ वापस आया और काला धन पर विजय पाई.  वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने इसे त्रासदी बताया. 
 
प्रधानमंत्री मोदी ने ट्वीट किया कि नोटबंदी की निर्णायक लड़ाई में हम सभी ने जीत दर्ज की. वहीं एक अन्य ट्वीट में पीएम मोदी ने लोगों से एक सर्वे के जरिए उनकी राय भी जाननी चाही है. इस ट्वीट में एक लिंक शेयर किया जिसमें भ्रष्टाचार और काले धन को उखाड़ने के प्रयासों के बारे में आप क्या सोचते हैं? इस पर सभी की प्रतिक्रिया मांगी. बेक टू बेक तीन ट्वीट कर सरकार ने नोटबंदी के फायदे गिनाएं. इन ट्वीट के इतर पीएम मोदी ने 7.13 मिनट का एक वीडियो शेयर किया इस वीडियों में तथ्यों को दर्शाते हुए नोटबंदी के लाभों को गिनाया गया.
 
वीडियों में वाइस ओवर और विजुल्स के जरिए एक शॉर्ट फिल्म बनाई गई है. इस वीडियो के जरिए  नोटबंदी को ईमानदार और गरीबी के लिए सकारात्मक कदम बताया गया. पीएम मोदी के भाषण के दृश्यों को जोड़ा गया है. विडियो में कहा गया है कि सरकार ने छोटी मोटी परेशानी को अनेदेखा किया और चप्पे चप्पे से काले धन निकला. इस कदम से गरीबों और श्रमिकों को कोई परेशानी नहीं हुई क्योंकि गरीबों के पास काला धन नहीं था, नोटबंदी से काला धन रखने वालों की नींद उड़ गई. नोटबंदी की वजह से काला धन वालों के नाम, पता और चेहरों का पता चल सका. इसके जरिए आंतकवाद और नक्सलवाद को हराया. विडियो में दावा किया गया है कि नोटबंदी के चलते देश में जमा कालाधन बैंकों में लौट आया है और आज सरकार के पास उनके मालिकों के नाम, पते और चेहरे मौजूद हैं। बताया गया है कि 23 लाख बैंक खातों में जमा 3.68 लाख करोड़ की राशि जांच के घेरे में है. नोटबंदी के सरकार ने बाद लाखों शेल कंपनियों को रद्द किया. साथ ही एक ही कंपनी के कई खातो का पता चला. इसके जरिए बेनामी संपति को घेरे में लिया. जबकि गरीबों को नौकरी मिली. 50 लाख श्रमिकों के खाते खुले हैं. वीडियो में कहा गया कि इस पहल से देश डिजिटलाइजेशन की ओर बढ़ा है. लेस कैश इकॉनमी मे तेजी आई है. इस विशाल और भरोसेमंद कदम के जरिए गरीबों को उनका हक मिला है. जो पैसा लोगों की तिजोरी में था, वह अर्थव्यवस्था का हिस्सा बन गया.
 

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