अहमदाबादः गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रुपानी ने कांग्रेस के दिग्गज नेता और सांसद अहमद पटेल पर बेहद संगीन आरोप लगाया है. विजय रुपानी ने आरोप लगाया कि हाल ही में पकड़े गए आईएस के दो संदिग्धों में से एक भरुच के एक अस्पताल में कर्मचारी था. अहमद पटेल उस अस्पताल के ट्रस्टी रहे हैं. पटेल पर आरोप लगाते हुए रुपानी ने कहा कि सोनिया और राहुल गांधी को सामने आकर सफाई देनी चाहिए और राज्यसभा सांसद अहमद पटेल को इस्तीफा देना चाहिए. अहमद पटेल ने सीएम के आरोप को बेबुनियाद बताते हुए कहा कि चुनावों के मद्देनजर राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दों को राजनीतिक रंग न दें.
 
गौरतलब है कि बुधवार को एटीएस ने आईएस के दो संदिग्ध आरोपियों को सूरत से गिरफ्तार किया था. एक संदिग्ध कासिम टिंबरवाला की पहचान अंकलेश्वर के अस्पताल कर्मचारी के रूप में हुई थी. वहीं दूसरा संदिग्ध उबैद पेशे से वकील है. सीएम ने एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड को संदिग्धों को पकड़ने के लिए धन्यवाद दिया. सीएम ने कहा, ‘अगर आतंकी नहीं पकड़े जाते तो वो अपने मकसद में कामयाब हो जाते.’ रुपानी ने कहा कि 2014 तक अहमद पटेल उसी अस्पताल के ट्रस्टी थे. सीएम ने कहा, संदिग्ध कासिम टिंबरवाला ने पकड़े जाने से दो दिन पहले ही अस्पताल से इस्तीफा दिया था.
सीएम के इस आरोप के बाद राजनीतिक गलियारों में घमासान मचा हुआ है. बीजेपी नेता और केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि कांग्रेस को बताना चाहिए आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में वह हमारे साथ है या हमारे खिलाफ. कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष भरत सिंह सोलंकी ने सीएम के आरोप को बेबुनियाद बताया. उन्होंने कहा, बीजेपी राजनीति न करे बल्कि राष्ट्रनीति करे. सोलंकी ने कहा कि केंद्र और राज्य दोनों जगह बीजेपी की सरकार है. वह जांच कराएं और जो भी दोषी हो उन्हें फांसी की सजा दें. कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि मुख्यमंत्री अपनी सरकार की कमजोरी छिपाने के लिए इस तरह के आधारहीन बयान दे रहे हैं. इस मामले के तूल पकड़ते ही अस्पताल प्रशासन की ओर से बयान आया है. अस्पताल प्रशासन का कहना है कि अहमद पटेल या फिर उनके परिवार का कोई भी सदस्य अस्पताल से नहीं जुड़ा है.
 

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