मुंबई : गुजरात के बाद महाराष्ट्र सरकार ने भी राज्य में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में कटौती करने का फैसला किया है. केंद्र सरकार द्वारा उत्पाद शुल्क टैक्स का रेट कम करने के बाद महाराष्ट्र सरकार ने आज महाराष्ट्र में पेट्रोल और डीज़ल का भाव कम करने का ऐलान किया है. आज कैबिनेट में इस बारे में फ़ैसला लिया गया. राज्य सरकार ने पेट्रोल पर दो रुपए प्रति लीटर और डीज़ल पर एक रुपए प्रति लीटर कम करने का फैसला किया है. नई कीमतें आज मध्य रात्रि के लागू हो जाएंगी. पेट्रोल और डीज़ल का रेट कम करने से महाराष्ट्र राज्य सरकार को कुल 3067 करोड़ का घाटा होगा. इससे पहले गुजरात सरकार ने मंगलवार को जनता को दिवाली पर चुनावी तोहफा दिया है. सरकार ने ईंधन पर मूल्य वर्धित कर (वैट) को 4 फीसदी तक घटा दिया है जिससे पेट्रोल और डीजल दोनों की कीमत में काफी कमी आ गई है. इसके बाद, पेट्रोल की कीमत 2.93 रुपए प्रति लीटर और डीजल 2.7 रुपए प्रति लीटर नीचे आ गई है. गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रुपानी ने इसकी घोषणा करते हुए कहा कि हम ईंधन पर 4% तक वैट की कटौती कर रहे हैं जिससे पेट्रोल की कीमत 2.93 रुपये प्रति लीटर और डीजल 2.72 रुपये नीचे आ जाएगी. 
 
इससे पहले पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा था कि राज्यों को वैट को कम करना चाहिए जिससे कीमतें कम हो जाएंगी क्योंकि अब उत्पाद शुल्क में कटौती की गई है. प्रधान ने कहा था कि हमने उत्पाद शुल्क में कटौती की है. अब वैट को कम करने के लिए राज्यों की बारी है, उन्होंने कहा कि राज्य वैट और केंद्रीय एक्साइज कलेक्शन से 42 प्रतिशत से ज्यादा कलेक्शन करते हैं. केंद्र ने उत्पाद शुल्क में कटौती की है जिसके बाद पेट्रोल पर उत्पाद शुल्क 21.48 रुपये प्रति लीटर से घटकर 19.48 रुपये प्रति लीटर और डीजल पर यह 17.33 रुपये लीटर से घटकर 15.33 रुपये प्रति लीटर पर आ गया है. इसके बाद पेट्रोल की कीमत 2.5 रुपये प्रति लीटर और डीजल 2.25 रुपये प्रति लीटर घट गई है.
 
 
हालांकि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कीमतों को कम करने से इनकार कर दिया है, साथ ही केंद्र से पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों में कटौती करने को कहा. नीतीश कुमार ने कहा बिहार में आधार मूल्य झारखंड के पड़ोसी इलाकों की तुलना में अधिक है. नीतीश कुमार ने कहा था कि केंद्र को एक बार इसकी पुनर्गणना करनी चाहिए जिससे कीमतों और कम हो जाएंगी और वैट स्वत गिर जाएगा और लोगों को लाभ होगा. वहीं केरल सरकार ने भी ईंधन पर मूल्य वर्धित कर को कम करने से इनकार कर दिया है.