कानपुर : कॉलेज में रैगिंग के मामलों में पिछले कुछ सालों में बढ़ोतरी दर्ज की गई है, हाल ही में IIT कानपुर में कुछ जूनियर छात्रों के साथ रैगिंग का मामला सामने आया था. सोमवार शाम सीनेट की बैठक में 22 सीनियर छात्रों के खिलाफ कार्रवाई की गई है. IIT प्रशासन ने 16 छात्रों को 3 साल और 6 छात्रों को एक साल के लिए इंस्टिट्यूट ने सस्पेंड कर दिया है. 19 अगस्त की रात B.Tech फर्स्ट ईयर के छात्रों के साथ सेकेंड ईयर के छात्रों ने रैगिंग की थी जिसके बाद जूनियर छात्रों ने आईआईटी प्रशासन से शिकायत की थी जिसके बाद जांच शुरू हो गई.
 
आप लोगों की जानकारी के लिए बता दें कि ये कार्रवाई अब तक के IIT इतिहास की सबसे बड़ी कार्रवाई है. इस सुनवाई के दौरान सभी छात्रों के बयान भी दर्ज किए गए, रैगिंग से जुड़े अन्य तथ्यों को भी रखा गया है. छात्रों पर आरोप साबित होने के बाद सीनेट ने छात्रों के खिलाफ कार्रवाई का निर्णय लिया है. 
 
 
इस अवधि के बाद छात्र संस्थान में दोबारा पढ़ाई कर सकेंगे, इस मामले के बाद संस्थान की सर्वोच्च अकैडमिक बॉडी सीनेट ने दोषियों को अपना पक्ष रखने के लिए एक मौका भी दिया था. अगस्त में सेकंड ईयर के छात्रों ने इंस्टिट्यूट के हॉस्टल में फ्रेशर्स के कपड़े उतरवाकर उन्हें आपस में अश्लील हरकतें करने को मजबूर किया था. इस मामले की जानकारी सामने आते ही प्रशासन ने जांच के लिए एक समिति बनाई गई थी. आप लोगों की जानकारी के लिए बता दें कि दशहरे के पहले सीनेट ने सभी दोषी छात्रों को निलंबित कर दिया था. 8 अक्टूबर और 9 अक्टूबर को आरोपी छात्रों को अपना पक्ष रखने का मौका दिया गया था. रैगिंग के बाद इंस्टिट्यूट के एक प्रोफेसर ने पूरे मामले का विवरण अपने ब्लॉग के माध्यम से दिया था.