नई दिल्ली. कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के हाथ में भाषण के नोट्स की तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हो गई है लेकिन सवाल ये है कि जब हर बड़ा नेता भाषण के लिए नोट्स रखता है तो राहुल गांधी के नोट्स पर यह हायतौबा क्यों.
 
दरअसल राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री आम तौर पर सरकारी कार्यक्रमों में लिखा हुआ भाषण ही पढ़ते हैं. बड़े-बड़े सेमिनार और बहस में हिस्सा लेने वाले लोग भी नोट्स लेकर भाषण और बहस करते हैं. नोट्स लेकर भाषण या बहस करने की एक साधारण सी वजह है कि कोई महत्वपूर्ण बात बोलने के प्रवाह में छूट न जाए.
 
भाषण के दौरान वक्ता के सामने कई बार महत्वपूर्ण बातें छूट जाने का खतरा रहता है जिससे बचने के लिए हमेशा लोग नोट्स ले लेते हैं. संसद के अंदर कई नेता नोट्स लेकर भाषण देते हैं ताकि कोई मुद्दा वो भूल न जाएं जिसे वो बोलना जरूरी समझते हैं.
 
क्या था राहुल गांधी के नोट्स में
 
दरअसल इस  पर्ची  में रोमन भाषा में भाषण की बातें लिखी थी जो राहुल ने कल बोला था. पर्ची में लिखा था, ‘लोग पीएम मोदी को सुनना चाहते हैं, वे उनकी राय जानना चाहते हैं, मोदीगेट पर, व्यापम पर. लोगों को मोदी जी की जगह मौन मोदी दिख रहा है.’
 
इससे पहले नेपाल के भूकंप पीड़ितों के लिए लिखे उन्होंने मोबाइल में देखकर संदेश लिखा था जिसके बाद राहुल की काफी खिल्ली उड़ाई गई थी.

 

देश और दुनिया की ताजातरीन खबरों के लिए हमे फॉलो करें फेसबुक,गूगल प्लस, ट्विटर पर और डाउनलोड करें Inkhabar Android Hindi News App