मुंबई. बॉम्बे हाई कोर्ट ने नेस्ले इंडिया को बड़ी राहत देते हुए 6 हफ्तों के लिए मैगी से बैन हटा लिया है. कोर्ट ने शर्तों के साथ बैन हटाया है. इसके साथ ही कोर्ट ने मैगी का फ्रेश टेस्ट्स का कराने का आदेश दिया है.
इससे पहले सरकार ने मैगी बनाने वाली कंपनी नेस्ले इंडिया पर मुकदमा दायर किया है और आरोप लगाया है कि कंपनी ने अनुचित व्यापारिक तौर-तरीके अपनाए, उपभोक्ताओं को खराब सामान बेचे और बगैर मंजूरी के मैगी ओट्स नूडल बेचे. यह जानकारी बुधवार को जारी एक आधिकारिक बयान से मिली.
बयान के मुताबिक यह मुकदमा उपभोक्ता कार्य, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय के उपभोक्ता कार्य विभाग ने राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निपटान आयोग (एनसीडीआरसी) में उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम 1986 की धारा-12 (1) (डी) के अंतर्गत किया है.
 
विभाग ने देश में बड़ी संख्या में मैगी के उपभोक्ताओं की ओर से व्यापार के अनुचित तौर-तरीके अपनाने, खराब सामान बेचने और बिना उचित मंजूरी के मैगी ओट्स नूडल्स बेचने के आधार पर नेस्ले इंडिया पर मुकदमा दर्ज कराया है.
 
शिकायतकर्ता ने कहा कि कंपनी 284,55,00,000 रुपये (284 करोड़ 55 लाख रुपए) की राशि देने के लिए उत्तरदायी है. इसके साथ ही सरकार ने कंपनी से 355,40,70,000 रुपये (355 करोड़ 40 लाख 70 हजार रुपए मात्र) की राशि घोर लापरवाही, उदासीनता और बेरुखी के लिए दंडात्मक जुर्माने के रूप में चुकाने की मांग की है. इस प्रकार कंपनी पर सरकार ने 639,95,70,000 रुपये (639 करोड़ 95 लाख और 70 हजार रुपए) का कुल दावा किया है.
 
 

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