नई दिल्ली: राष्ट्रपिता महात्मा गांधी मर्डर केस की दोबारा जांच कराए जाने के मामला की सुनवाई शुक्रवार सुप्रीम कोर्ट में हुई. कोर्ट ने इस मामले में एमिकस क्यूरी यानी न्यायमित्र नियुक्त किया. जो मामले से जुड़े सवालों का जवाब ढूंढने में कोर्ट की मदद करेंगे. दरअसल सुप्रीम कोर्ट में इसे लेकर एक याचिका दी गई है. याचिका में महात्मा गांधी मर्डर केस की फिर से जांच की मांग की गई है. सुप्रीम कोर्ट के दो जजों की बेंच इस मामले की अगली सुनवाई 30 अक्टूबर को करेगी.
 
 
महात्मा गांधी मर्डर केस की फिर से जांच की मांग करने वाली अर्जी मुंबई के डॉ. पंकज फड़नीस ने दाखिल की है. फड़नीस एक Researcher होने के साथ साथ अभिनव भारत नाम की संस्था के ट्रस्टी हैं. फड़नीस ने अलग-अलग तथ्यों को आधार बनाकर केस की फिर से जांच की मांग की है. सुनवाई के दौरान कोर्ट ने याचिकाकर्ता से पूछा कि मामले में दो दोषियों की मौत हो चुकी है. केस से जुड़े तमाम लोग मर चुके हैं. ऐसे में इस केस को दोबारा खोलने का क्या कोई कानूनी औचित्य है ? कोर्ट ने याचिकाकर्ता से ये भी पूछा कि क्या इस मामले में कोई नया सबूत है ? 
 

इस पर याचिकाकर्ता ने कहा कि ये केस इतिहास में सबसे ज्यादा गुप्त रखे गए मामलों में से एक है. फड़नीस ने अपनी अर्जी के सपोर्ट में कुछ दस्तावेज जमा करने के लिए सुप्रीम कोर्ट से वक्त मांगा है. याचिकाकर्ता का दावा है कि उन्हें इस मामले से जुड़े कुछ नए अहम दस्तावेज मिले हैं. बता दें कि बापू की हत्या 30 जनवरी 1948 को नई दिल्ली में कर दी गई थी. हत्या के दोषी नाथूराम गोडसे और उसके साथी नारायण आप्टे को इस मामले में फांसी की सजा दी गई थी.
 

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