नई दिल्ली. समझौता एक्सप्रेस ब्लास्ट केस में स्वामी असीमानंद को मिली जमानत का सरकार विरोध नहीं करेगी. संसद में सरकार ने जानकारी दी. NIA ने स्वामी असीमानंद को सशर्त जमानत दिए जाने का विरोध नहीं करने का फैसला किया है. वर्ष 2007 में समझौता एक्सप्रेस में हुए बम विस्फोट के मामले में स्वामी असीमानंद आरोपी हैं.

आपको बता दें कि गृह राज्य मंत्री हरिभाई परथीभाई चौधरी ने लोकसभा को ऑल इंडिया मजलिस ए इत्तिहादुल मुसलमीन के असदुद्दीन ओवैसी द्वारा पूछे गए एक प्रश्न के लिखित उत्तर में यह जानकारी दी. असीमानंद को पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने पिछले साल अगस्त में जमानत दी थी. सरकार के मुताबिक एनआईए ने इस मामले की जांच के बाद असीमानंद की जमानत का विरोध नहीं करने का फैसला किया है. हालांकि असीमानंद अभी जेल में ही हैं क्योंकि अजमेर और मक्का मस्जिद ब्लास्ट केस में उन्हें बेल नहीं मिली है. आरएसएस से जुड़े रहे असीमानंद पर 18 फरवरी 2007 को दिल्ली-लाहौर समझौता एक्सप्रेस में बम ब्लास्ट करने का आरोप है. इस ब्लास्ट में 68 लोग मारे गए थे जिसमें ज्यादातर पाकिस्तानी थे.

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