नई दिल्ली. स्विट्जरलैंड की कंपनी नेस्ले की भारत में मुसीबतें बढ़ने वाली है. सरकार यहां नेस्ले के खिलाफ मैगी को लेकर अनुचित व्यापार और भ्रामक विज्ञापन के लिए 426 करोड़ रुपए वसूलेगी.

सूत्रों के अनुसार उपभोक्ता मामलों का मंत्रालय करीब तीन दशक पुराने उपभोक्ता संरक्षण कानून में मौजूद प्रावधान के तहत पहली बार राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निपटान आयोग (एनसीडीआरसी) में एक शिकायत दर्ज करेगी जिसमें वह वित्तीय जुर्माना लगाने के साथ साथ कंपनी के खिलाफ अन्य कार्रवाई की मांग करेगा.

सीमेंट कारखानों में जल रही है हजारों टन ‘मैगी’

क्या है प्रावधान?
आमतौर पर उपभोक्ता संरक्षण कानून 1986 के तहत उपभोक्ता ही एनसीडीआरसी में शिकायतें दर्ज कराते हैं, लेकिन इस कानून की एक धारा में सरकार के लिए भी शिकायत दर्ज कराने की व्यवस्था है. यह उपभोक्ता संरक्षण कानून की धारा 12-1-डी है जिसके तहत अब सरकार नेस्ले के खिलाफ कार्रवाई करेगी. हाल ही में उपभोक्ता मामलों के मंत्री रामविलास पासवान ने पहले ही एनसीडीआरसी की कार्रवाई का संकेत दिया था.

क्या आपको पता है दिलों पर राज करने वाली मैगी की कहानी

इसी साल मई में यूपी के कई जगहों में जब मैगी की सैंपल में लेड की मात्रा ज्यादा पाई गई तो सरकार ने देशभर में मैगी की सैंपल जांच करवाएं. इनमें कई जगहों में मैगी के पॉजोटिव रिपोर्ट आए. 

 

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