पटना: बिहार में सत्ता परिवर्तन हुआ लेकिन हालात में ज्यादा परिवर्तन नहीं हुआ है. बीजेपी-जेडीयू के गठबंधन से बनी सरकार के स्वास्थय मंत्री मंगल पांडे पर आरोप लगा है कि उन्होंने अपने सरकारी आवास पर एक अगस्त को चार डॉक्टरों की टीम को नियुक्त की. इन चार डॉक्टरों की कई शिफ्ट में तैनाती हुई है. इसको लेकर बिहार की राजनीति पर काफी उबाल आया हुआ है.
 
आरजेडी के सुप्रीमो लालू यादव ने स्वास्थय मंत्री पर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्हें ऐसी क्या बीमारी लग गई कि उन्हें चार डॉक्टरों की टीम को बुलाया गया था. उन्होंने पूछा कि जब तेजप्रताप बिहार के स्वास्थय मंत्री थे तब उनके आवास पर डॉक्टरों को बुलाया गया था तब बीजेपी के लोगों ने हडकंप मचा दिया, अब इस मामले पर क्या बोलेंगे. 
 
 
लालू ने कहा कि पीएमसीएच में पहले 24 घंटे डॉक्टर रहते थे लेकिन अब नए स्वास्थय मंत्री हर रोज नए-नए नियम बनाए जा रहे हैं. स्वास्थय विभाग के प्रधान सचिव ने भी इस मामले पर चुप्पी साध रखी है. इस बारे में स्वास्थय मंत्री को बताना होगा कि उन्हें कौन सी गंभीर बिमारी थी कि चार डॉक्टरों को बुला लिया गया.
 
वहीं मंगल पांडे ने इस मामले पर सफाई देते हुए कहा कि मेरा ऑफिस अभी पूरी तरह से तैयार नहीं हुआ है और किसी को भी मैंने नहीं एप्वाइंट नहीं किया और जब मैंने स्वास्थय मंत्री का पद संभाला तो जहां-तहां से लोग मेरे पास इलाज कराने आते थे और मेरे ऑफिस पर आकर रुकते थे तो मैंने अपने कर्मियों से बस यह पूछा था कि ऐसे में क्या करना चाहिए.
 
 
बता दें कि 31 मई को तेजप्रताप यादव ने स्वास्थय मंत्री रहते हुए लालू की सेहत बिगड़ने पर पटना के आईडीआईएमएस के तीन डॉक्टर को घर पर तैनात कर दिया गया था, साथ ही दो नर्सों को भी ड्यूटी पर लगाया गया था. अस्पताल की यह टीम आठ जून तक लालू के घर पर रही थी.