मुंबई. 1993 के मुंबई धमाकों के दोषी याकूब मेनन को आज सुबह फांसी दे दी गई. याकूब पर मुंबई धमाकों की साजिश रचने का आरोप था जिसमें 257 लोग मारे गए थे. याकूब की फांसी के बाद पीडितों ने इसको कानून की जीत बताया है. हालांकि पीड़ितों का कहना है कि अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम को भी इसी तरह फांसी की सजा मिले तो उन्हें और भी सुकून मिलेगा.

इससे पहले आज याकूब का शव मुंबई में बड़ा कब्रिस्तान में दफना दिया गया. जेल सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार फांसी से ठीक एक दिन पहले और फांसी चढ़ाए जाने से कुछ समय पहले याकूब मेमन तमाम करीबी लोगों से अच्छे से मिला और खूब रोया भी. उसने सभी से भूल-चूक माफी की बात भी कही.
जानकारी के अनुसार, फांसी यार्ड में कुल 15 (एक महिला है, जिसे महिला वार्ड में रखा गया है)  कैदी हैं,

जिसमें से याक़ूब को छोड़ बाकी सभी को दूसरे यार्ड भेज दिया गया था. याक़ूब जिस सेल में था, उसमें कोई कड़ी (चेन) नहीं लगी थी. हालांकि बाहर जवान पहरा दे रहे थे, ताकि वो ख़ुदकुशी ना कर पाए. फांसी से पहले याकूब अपने साथी कैदियों से मिला और जेल कर्मियों से भी मिलकर कुछ गलती हुई हो तो इसके लिए माफ़ी की बात कही.

 

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